'भारत के वीर' ऐप और वेबसाइट को लॉन्च करते गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अक्षय कुमार
- सहायता राशि जमा कराने की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये तय की गई है
- अक्षय कुमार ने कहा कि यह उनके ड्रीम के पूरा होने जैसा है
- इस वेबसाइट और ऐप के ज़रिए कोई भी अपनी इच्छानुसार सहायता कर सकता है
नई दिल्ली:
अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों के परिवार वालों की मदद के लिए फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार के शानदार आइडिया पर मुहर लग गई. केन्द्रीय बलों के जवानों के परिजनों को मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आर्थिक मदद पहुंचाने की सुविधा शुरू कर दी गई है. केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने 'भारत के वीर' वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत की. अपने किस्म के इस अनूठे ऐप और वेबसाइट को देश में पहली बार शुरू किया गया है. दरअसल यह आइडिया अक्षय कुमार का ही था. इसके लिए गृह सचिव राजीव महर्षि ने उनको ख़ासतौर पर धन्यवाद दिया कि अक्षय ने हमे आकर यह आइडिया दिया और उस पर अमलीजामा पहनाया गया. इसके ज़रिये दान दी गई राशि अर्द्धसैनिक बल के जवानों के परिजनों के खाते में जमा कर दी जाएगी.
इस वेबसाइट और ऐप के ज़रिए कोई भी अपनी इच्छानुसार किसी भी शहीद की आर्थिक सहायता कर सकता है या फिर 'भारत के वीर' कोष में अपना दान दे सकता है. दान देने वालों को इसके लिए सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. सहायता राशि जमा कराने की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये तय की गई है. यह सीमा पूरी होते ही सबंधित शहीद के परिजनों की मदद का विकल्प वेबसाइट से अपने आप हट जाएगा. एक जवान को 15 लाख देने के बाद आप किसी दूसरे जवान के परिजनों की मदद कर सकते हैं.
आपको ये बता दें कि पिछले 11 मार्च को छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में शहीद सीआरपीएफ के 12 जवानों के परिजनों को अभिनेता अक्षय कुमार ने नौ-नौ लाख रुपये की मदद दी थी. अक्षय कुमार ने कहा कि मात्र ढाई महीने के भीतर ये बेवसाइट बनी है और ये उनके ड्रीम को पूरा होने जैसा है. इसके लिए उन्होंने सरकार को बधाई दी है.
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी कि सीआरपीएफ के शौर्य दिवस के मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले दो तीन सालों में माओवादियों के प्रभाव में अगर 45% तक कमी आई है तो इसका श्रेय मैं हमारे इन बहादुर जवानों को देना चाहता हूं. जवानों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर में कुछ लोग हमारे जवानों पर पत्थर फेंकते हैं, लेकिन कैसी दरियादिली है हमारे जवानों की, कि संकट की घड़ी में इन्हीं पत्थर फेंकने वालों की वो जान बचाते हैं.
इस वेबसाइट और ऐप के ज़रिए कोई भी अपनी इच्छानुसार किसी भी शहीद की आर्थिक सहायता कर सकता है या फिर 'भारत के वीर' कोष में अपना दान दे सकता है. दान देने वालों को इसके लिए सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. सहायता राशि जमा कराने की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये तय की गई है. यह सीमा पूरी होते ही सबंधित शहीद के परिजनों की मदद का विकल्प वेबसाइट से अपने आप हट जाएगा. एक जवान को 15 लाख देने के बाद आप किसी दूसरे जवान के परिजनों की मदद कर सकते हैं.
आपको ये बता दें कि पिछले 11 मार्च को छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में शहीद सीआरपीएफ के 12 जवानों के परिजनों को अभिनेता अक्षय कुमार ने नौ-नौ लाख रुपये की मदद दी थी. अक्षय कुमार ने कहा कि मात्र ढाई महीने के भीतर ये बेवसाइट बनी है और ये उनके ड्रीम को पूरा होने जैसा है. इसके लिए उन्होंने सरकार को बधाई दी है.
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी कि सीआरपीएफ के शौर्य दिवस के मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले दो तीन सालों में माओवादियों के प्रभाव में अगर 45% तक कमी आई है तो इसका श्रेय मैं हमारे इन बहादुर जवानों को देना चाहता हूं. जवानों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर में कुछ लोग हमारे जवानों पर पत्थर फेंकते हैं, लेकिन कैसी दरियादिली है हमारे जवानों की, कि संकट की घड़ी में इन्हीं पत्थर फेंकने वालों की वो जान बचाते हैं.
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