
नई दिल्ली:
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह नोटबंदी पर संसद में जो भाषण देंगे उससे भूकंप आ जाएगा. गांधी ने कहा कि 'मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि मोदी ने देश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला किया है. मैं उस पर बात करना चाहता हूं.' गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा है कि जो पिछले 60 सालों से घोटालों के केंद्र में रहे, वह आज भूकंप की बात कर रहे हैं. बीजेपी के प्रवक्त संबित पात्रा ने यह ट्वीट किया है.
वहीं केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू का कहना है कि उम्मीद है यह भूकंप तब आए जब हम संसद में मौजूद न हों.' वैंकेया नायडू ने भी विपक्ष की नोटबंदी पर वोटिंग की मांग को खारिज करते हुए कहा कि 'चुनाव तो 2014 (लोकसभा) और टाइम मैगेज़ीन में हो चुके हैं'
दरअसल यह तकरार संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से अब तक जारी है. दोनों ही पक्ष, सत्ता और विपक्ष अभी तक इस मामले पर संसद में बहस को अंजाम नहीं दे पाए हैं. इस वजह से संसद की कार्यवाही बार बार स्थगित हो रही है और जीएसटी जैसे अहम विधेयक अधर में लटके हुए हैं. शुक्रवार को सुबह विपक्ष ने अपनी पिछली मांग को किनारे रखा जिसमें वह ज़ोर दे रही थी कि बहस के बाद वोट किया जाए. अब बीच का रास्ता निकाला गया है जिसमें 'नो रूल' चर्चा को स्वीकार किया गया है जिसके तहत स्पीकर सुमित्रा महाजन यह तय करेंगी कि निर्बाध चल रही चर्चा के बाद वोट करवाया जाए या नहीं.
विपक्ष का कहना है कि वह पूरी तरह कालेधन पर लगाम कसने के पक्ष में है लेकिन नोटबंदी के क्रियान्वयन से सबसे ज्यादा मार गरीबों को पड़ रही है जिनकी पहुंच बैकिंग तक नहीं है. उधर अर्थव्यवस्था की नकदी लेनदेन पर निर्भरता को कम करने के लिए सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कुछ घोषणाएं की हैं जिनके तहत दो हज़ार रुपये तक के लिए कार्ड भुगतान पर सर्विस टैक्स में 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी. वहीं पेट्रोल डीज़ल का कार्ड पेमेंट करने पर 0.75 प्रतिशत की छूट मिलेगी.
काले धन पर प्रहार से जिनको "कंपकपि" आ जाती है ,वो "भूकंप" की बात ना ही करें तो अच्छा है।
— Sambit Patra (@sambitswaraj) December 9, 2016
वहीं केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू का कहना है कि उम्मीद है यह भूकंप तब आए जब हम संसद में मौजूद न हों.' वैंकेया नायडू ने भी विपक्ष की नोटबंदी पर वोटिंग की मांग को खारिज करते हुए कहा कि 'चुनाव तो 2014 (लोकसभा) और टाइम मैगेज़ीन में हो चुके हैं'
दरअसल यह तकरार संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से अब तक जारी है. दोनों ही पक्ष, सत्ता और विपक्ष अभी तक इस मामले पर संसद में बहस को अंजाम नहीं दे पाए हैं. इस वजह से संसद की कार्यवाही बार बार स्थगित हो रही है और जीएसटी जैसे अहम विधेयक अधर में लटके हुए हैं. शुक्रवार को सुबह विपक्ष ने अपनी पिछली मांग को किनारे रखा जिसमें वह ज़ोर दे रही थी कि बहस के बाद वोट किया जाए. अब बीच का रास्ता निकाला गया है जिसमें 'नो रूल' चर्चा को स्वीकार किया गया है जिसके तहत स्पीकर सुमित्रा महाजन यह तय करेंगी कि निर्बाध चल रही चर्चा के बाद वोट करवाया जाए या नहीं.
विपक्ष का कहना है कि वह पूरी तरह कालेधन पर लगाम कसने के पक्ष में है लेकिन नोटबंदी के क्रियान्वयन से सबसे ज्यादा मार गरीबों को पड़ रही है जिनकी पहुंच बैकिंग तक नहीं है. उधर अर्थव्यवस्था की नकदी लेनदेन पर निर्भरता को कम करने के लिए सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कुछ घोषणाएं की हैं जिनके तहत दो हज़ार रुपये तक के लिए कार्ड भुगतान पर सर्विस टैक्स में 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी. वहीं पेट्रोल डीज़ल का कार्ड पेमेंट करने पर 0.75 प्रतिशत की छूट मिलेगी.
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