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This Article is From Oct 04, 2020

नये कृषि कानूनों को लेकर जनता के सामने दुष्प्रचार "आपराधिक कृत्य" : कैलाश विजयवर्गीय

विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा, "मेरा तो यह मानना है कि कृषि विधेयकों को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद इन विधेयकों के बारे में दुष्प्रचार करना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है.'

नये कृषि कानूनों को लेकर जनता के सामने दुष्प्रचार "आपराधिक कृत्य" : कैलाश विजयवर्गीय
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)
इंदौर:

नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार के तीन कृषि कानूनों (Farm Bills) के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने रविवार को दावा किया कि संबंधित विधेयकों के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी से कानूनों में तब्दील होने के बाद इनके बार में दुष्प्रचार करना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है. विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा, "मेरा तो यह मानना है कि कृषि विधेयकों को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद इन विधेयकों के बारे में दुष्प्रचार करना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है. फिर चाहे यह दुष्प्रचार राहुल गांधी (Rahul Gandhi) करें या ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) करें."

उन्होंने कहा, "यह आपराधिक श्रेणी का काम है कि आप (विपक्षी दल) एक विधेयक को जनता के सामने गलत तरह से प्रस्तुत कर रहे हैं. जनता इसके लिए उन्हें माफ नहीं करेगी." नये कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल के भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होने पर विजयवर्गीय ने कहा, "वे (शिरोमणि अकाली दल) कृषि विधेयकों के बारे में अन्नदाताओं को ठीक तरह से समझा नहीं पाए और उनके प्रदेश (पंजाब) के किसानों के दबाव में आ गए. अगर वे खुद इन विधेयकों को अच्छी तरह समझकर किसानों को डंके की चोट पर समझाते, तो पंजाब में कृषक आंदोलन नहीं होता."

उन्होंने नये कृषि कानूनों को किसानों की आमदनी दोगुनी करने का साधन करार देते हुए आरोप लगाया कि इनके विरोध में उतरे विपक्षी दल देश के हित में नहीं सोच रहे हैं. विजयवर्गीय, भाजपा संगठन में पश्चिम बंगाल के प्रभारी हैं. उन्होंने कहा, "मैं दावे के साथ बोल रहा हूं कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में 100 सीटें भी नहीं जीत सकेगी क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केवल अपनी कुर्सी और दल की चिंता करती हैं. वह देश की चिंता नहीं करती हैं."

भाजपा महासचिव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को "कुशल प्रशासक" बताते हुए कहा कि हाथरस कांड का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "घटना शर्मनाक है, लेकिन हमें योगी आदित्यनाथ पर विश्वास है कि वह अपने राज्य में अपराधियों को संरक्षण कभी नहीं दे सकते." विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि हाथरस कांड की सीबीआई जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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