ब्‍लैक फंगस के इंजेक्‍शन की कमी पर प्रियंका गांधी वाड्रा का ट्वीट, लिखा-मोदीजी, इस दिशा में कदम उठाइए

ऑक्‍सीजन मामला हो या वैक्‍सीन की उपलब्‍धता का मामला, प्रियंका और उनके भाई राहुल गांधी, सरकार खासकर पीएम नरेंद्र मोदी पर लगातार निशाना साध रहे हैं.

ब्‍लैक फंगस के इंजेक्‍शन की कमी पर प्रियंका गांधी वाड्रा का ट्वीट, लिखा-मोदीजी, इस दिशा में कदम उठाइए

प्रियंका ने अपने ट्वीट में ब्‍लैक फंगस के इंजेक्‍शन की कमी का मुद्दा उठाया है

खास बातें

  • कोरोना मामले में सरकार पर लगातार साध रहीं निशाना
  • कहा, ब्‍लैक फंगस के इंजेक्‍शन को लेकर गुहार मची हुई है
  • इंजेक्‍शन महंगा, आयुष्‍मान योजना में कवर नहीं होता
नई दिल्ली:

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) कोरोना वायरस से संबंधित मामलों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं. ऑक्‍सीजन मामला हो या वैक्‍सीन की उपलब्‍धता का मामला, प्रियंका और उनके भाई राहुल गांधी, सरकार खासकर पीएम नरेंद्र मोदी पर लगातार निशाना साध रहे हैं. कोरोना संक्रमण के बाद देश में ब्‍लैक फंगस के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है, इसे लेकर प्रियंका ने इसके इंजेक्‍शन की सहज उपलब्‍धता और आयुष्‍मान योजना के तहत इसे कवर किए जाने मांग पीएम से की है. प्रियंका ने अपने ट्वीट के साथ पीएम के नामएक लेटर भी अटैच किया है.

प्रियंका गांधी वाड्रा का सवाल, 'जब वैक्‍सीन देश के लोगों को ही लगनी है तो एक देश, तीन दाम क्‍यों..'

प्रियंका ने अपने ट्वीट में लिखा, 'म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के इंजेक्शन को लेकर गुहार मची हुई है. 'दुनिया का दवाखाना' की उपलब्धि होने के बाद भी हमें इस आपदा में बार-बार दवाओं की कमी का सामना करना पड़ा है. ज़िम्मेदार कौन है? इंजेक्शन महँगा है, आयुष्मान योजना में कवर नहीं होता. मोदीजी, कृपया इस दिशा में तुरंत कदम उठाइए. प्रियंका ने अपने लेटर में लिखा है कि देश में ब्‍लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़े हैं लेकिन इस बीमारी के इलाज में मिलने वाला इंजेक्‍शन आसानी से उपलब्‍ध नहीं हो रहा रहा है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


इससे पहले प्रियंका केंद्र की टीकाकरण नीति पर भी सवाल उठा चुकी है. उन्‍होंने फेसबुक पोस्ट में कहा था, ‘‘आज देश में प्रतिदिन औसतन 19 लाख लोगों को टीका लग पा रहा है. केंद्र सरकार की ढुलमुल टीका नीति ने टीकाकरण को अधर में लाकर छोड़ दिया है.'' उन्होंने दावा किया, ‘‘भारत के लोगों ने आशा की थी कि सबके लिए मुफ्त टीका की नीति बनेगी लेकिन केंद्र सरकार ने दिया क्या? टीकाकरण केन्द्रों पर ताले, एक देश में टीके के 3 दाम, अभी तक मात्र 3.4 प्रतिशत आबादी का पूर्ण टीकाकरण, जिम्मेदारी त्याग कर भार राज्यों पर डालना . दिशाहीन टीका नीति.''