पीएम ने बताया कांग्रेस को कंफ्यूज पार्टी, कहा- इनका राज्यसभा में अलग और लोकसभा में अलग रवैया रहता है

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी कंफ्यूज पार्टी न खुद का भला सोच सकती है, न देश की समस्याओं के समाधान के लिए कुछ सोच सकती है, इससे बड़ा कोई दुर्भाग्य नहीं हो सकता.

पीएम ने बताया कांग्रेस को कंफ्यूज पार्टी, कहा- इनका राज्यसभा में अलग और लोकसभा में अलग रवैया रहता है

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के साथी कृषि कानूनों के कंटेट और इंटेट पर चर्चा करते तो किसानों तक सही चीजें पहुंचतीं'

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) ने लोकसभा (Lok Sabha) में कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला.पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी जिसने करीब 6 दशकों तक शासन किया, उसका ये हाल हो गया है कि पार्टी का राज्यसभा तबका एक तरफ चलता है और लोकसभा का अलग. ऐसी डिवाइडेड पार्टी या कहें कंफ्यूज पार्टी न खुद का भला कर सकती है न देश का. राज्यसभा में जो तबका है वो उमंग के साथ चर्चा करता है.वहीं ये कांग्रेस का दूसरा तबका है. कांग्रेस पार्टी ने लगातार हो रहे हमलों के बाद लोकसभा से वॉकआउट कर दिया.

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इससे पहले किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि कानून लागू होने के बाद ना कही मंडी बंद हुई है और ना कही एमएसपी बंद हुई है.उन्होंने कहा कि  'कांग्रेस के साथी कृषि कानूनों के कंटेट और इंटेट पर चर्चा करते तो किसानों तक सही चीजें पहुंचतीं' लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में इसका लाभ होगा तो हो सकता है कुछ इलाकों में नुकसान.हमने समाज के प्रगति के लिये कानून बनाया है.  बेटियों को संपति देने का अधिकार देने की मांग किसी ने नही की थी लेकिन हमने बनाई है.


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जहां तक आंदोलन का सवाल है, दिल्ली के बाहर हमारे किसान भाई बहन बैठे हुए हैं. वो जो भी गलत धारणाएं बनाई गई, अफवाहें फैलाई गई उसके शिकार हुए हैं.लगातार बातचीत होती रही है, जब पंजाब में आंदोलन चल रहा था तब भी हुई है. बातचीत में किसानों की शंकाएं क्या हैं वो ढूंढने के भी लगातार प्रयास किया गया है. विपक्षी सदस्यों की तरफ से हुए हंगामे पर उन्होंने कहा कि संसद में ये हो-हल्ला, ये आवाज, ये रुकावटें डालने का प्रयास, एक सोची समझी रणनीति के तहत हो रहा है. रणनीति ये है कि जो झूठ, अफवाहें फैलाई गई हैं, उसका पर्दाफाश हो जाएगा. इसलिए हो-हल्ला मचाने का खेल चल रहा है.ये नया कानून किसी के लिए बंधन नहीं हैं, सभी के लिए विकल्प हैं, अगर विकल्प हैं तो विरोध का कारण ही नहीं होता.