
मन की बात कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये लोगों को संबोधित करेंगे. यह प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम का 36वां एपिसोड होगा. इस कार्यक्रम के जरिए पीएम लोगों से अपने मन की बात करते हैं और साथ ही लोगों से उनके सुझाव और देश में सिस्टम सुधार पर उनकी राय भी जानते हैं. अच्छी राय और विचार को पीएम इस कार्यक्रम के जरिए लोगों से साझा भी करते हैं.
इस कार्यक्रम को आकाशवाणी के सभी नेटवर्क और दूरदर्शन से सुबह ग्यारह बजे प्रसारित किया जायेगा. प्रधानमंत्री कार्यालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा डीडी न्यूज के यू-ट्यूब चैनलों पर भी यह कार्यक्रम उपलब्ध रहेगा. हिंदी प्रसारण के तुरंत बाद क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसका प्रसारण आकाशवाणी से किया जाएगा. रात आठ बजे इस कार्यक्रम को क्षेत्रीय भाषाओं में दोबारा सुना जा सकता है.
पिछले महीने के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा था कि संप्रदाय, धर्म या व्यक्ति के नाम पर आस्था के आधार पर हिंसा की इजाजत नहीं दी जा सकती. कानून हाथ में लेने का इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. हर व्यक्ति को कानून का पालन करना होगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए यह बात कही. ऐसे में धर्म या किसी व्यक्ति के नाम पर हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा था कि हमारा देश अहिंसा परमो धर्म: को मानने वाला देश है.
यह भी पढ़ें : पीएम मोदी ने 'मन की बात' में कहा, 2-4 रुपये के लिए मोलभाव ना करें
पीएम नरेंद्र मोदी ने गणपति उत्सव और केरल में आने वाले ओणम उत्सव की देशवासियों को बधाई दी थी. हालांकि ये भी कहा कि त्योहारों के इस मौसम में हिंसा के हालात चिंता की बात हैं. पीएम मोदी ने बाढ़ की बात करते हुए कहा था कि गुजरात और बिहार में बाढ़ और उसके बाद उपजे हालात चिंता की बात है. हालांकि इसके बाद सफाई का अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने गुजरात में जमायत-उलेमा-ए-हिंद के कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन लोगों ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने में उत्तम काम किया है. इन कार्यकर्ताओं ने गुजरात के धनेरा में बाढ़ से प्रभावित 22 मंदिरों और तीन मस्जिदों को फिर से साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाया.
VIDEO: मन की बात में पीएम मोदी
दो अक्टूबर के लिहाज से पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा है. हमको स्वच्छता अभियान को एक आंदोलन के रूप में लेना चाहिए और स्वच्छता ही सेवा के मंत्र के साथ इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. ऐसे में स्वच्छता अभियान से संबंधित प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को इससे ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाना चाहिए. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि इस साल दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन के तीन साल पूरे हो रहे हैं. अब तक दो लाख तीस हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है.
इस कार्यक्रम को आकाशवाणी के सभी नेटवर्क और दूरदर्शन से सुबह ग्यारह बजे प्रसारित किया जायेगा. प्रधानमंत्री कार्यालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा डीडी न्यूज के यू-ट्यूब चैनलों पर भी यह कार्यक्रम उपलब्ध रहेगा. हिंदी प्रसारण के तुरंत बाद क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसका प्रसारण आकाशवाणी से किया जाएगा. रात आठ बजे इस कार्यक्रम को क्षेत्रीय भाषाओं में दोबारा सुना जा सकता है.
पिछले महीने के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा था कि संप्रदाय, धर्म या व्यक्ति के नाम पर आस्था के आधार पर हिंसा की इजाजत नहीं दी जा सकती. कानून हाथ में लेने का इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. हर व्यक्ति को कानून का पालन करना होगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए यह बात कही. ऐसे में धर्म या किसी व्यक्ति के नाम पर हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा था कि हमारा देश अहिंसा परमो धर्म: को मानने वाला देश है.
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पीएम नरेंद्र मोदी ने गणपति उत्सव और केरल में आने वाले ओणम उत्सव की देशवासियों को बधाई दी थी. हालांकि ये भी कहा कि त्योहारों के इस मौसम में हिंसा के हालात चिंता की बात हैं. पीएम मोदी ने बाढ़ की बात करते हुए कहा था कि गुजरात और बिहार में बाढ़ और उसके बाद उपजे हालात चिंता की बात है. हालांकि इसके बाद सफाई का अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने गुजरात में जमायत-उलेमा-ए-हिंद के कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन लोगों ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने में उत्तम काम किया है. इन कार्यकर्ताओं ने गुजरात के धनेरा में बाढ़ से प्रभावित 22 मंदिरों और तीन मस्जिदों को फिर से साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाया.
VIDEO: मन की बात में पीएम मोदी
दो अक्टूबर के लिहाज से पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा है. हमको स्वच्छता अभियान को एक आंदोलन के रूप में लेना चाहिए और स्वच्छता ही सेवा के मंत्र के साथ इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. ऐसे में स्वच्छता अभियान से संबंधित प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को इससे ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाना चाहिए. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि इस साल दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन के तीन साल पूरे हो रहे हैं. अब तक दो लाख तीस हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है.
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