
मुंबई:
प्याज की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोत्तरी हुई है। मुम्बई में प्याज की कीमत बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई है। पिछले हफ्ते 25 रुपये तक मिलने वाला प्याज अब करीब 45 रुपये तक हो गया है। सप्लाई में हुई कमी को कीमत बढ़ने की वजह बताया जा रहा है।
प्याज रसोई की अहम सामग्री है। चाहे शाकाहारी खाना बनाना हो या मांसाहारी, प्याज जरूरी होता है। सब्ज़ियों में लगभग एक तिहाई और मांसाहारी खाने में दो तिहाई प्याज का इस्तेमाल होता है।
प्याज की कीमत में बढ़ोत्तरी की एक वजह यह भी है कि प्याज उगाने वाले किसानों ने प्याज की खेती करना कम कर दिया है। किसानों ने प्याज की जगह अन्य फसलों का उत्पादन शुरू कर दिया है। प्याज की फसल के खराब होने की संभावना बाकी फसलों के मुकबले ज्यादा होती है। इससे किसान प्याज उत्पादन को लेकर हतोत्साहित हैं।
व्यापारी वर्ग का कहना है कि प्याज को स्टोर करके रखने की कोई व्यवस्था नहीं होती है। राज्य के 232 एपीएमसी बाजारों में से 50 में ही प्याज को स्टोर करने की व्यवस्था है। इस साल करीब 30 प्रतिशत प्याज की फसल बेमौसम बारिश के चलते खराब हुई।
कालाबाजारी और आपूर्ति में कमी भी कीमत बढ़ने के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे हैं. फिर भी सरकार का कहना है कि वह कीमत बढ़ने की वजह की जांच करवाएगी। सरकार का कहना है कि 10 हजार टन प्याज का आयात किया जाएगा, पर जानकारों की मानें तो आने वाले वक़्त में प्याज की कीमत में गिरावट नहीं होगी।
प्याज रसोई की अहम सामग्री है। चाहे शाकाहारी खाना बनाना हो या मांसाहारी, प्याज जरूरी होता है। सब्ज़ियों में लगभग एक तिहाई और मांसाहारी खाने में दो तिहाई प्याज का इस्तेमाल होता है।
प्याज की कीमत में बढ़ोत्तरी की एक वजह यह भी है कि प्याज उगाने वाले किसानों ने प्याज की खेती करना कम कर दिया है। किसानों ने प्याज की जगह अन्य फसलों का उत्पादन शुरू कर दिया है। प्याज की फसल के खराब होने की संभावना बाकी फसलों के मुकबले ज्यादा होती है। इससे किसान प्याज उत्पादन को लेकर हतोत्साहित हैं।
व्यापारी वर्ग का कहना है कि प्याज को स्टोर करके रखने की कोई व्यवस्था नहीं होती है। राज्य के 232 एपीएमसी बाजारों में से 50 में ही प्याज को स्टोर करने की व्यवस्था है। इस साल करीब 30 प्रतिशत प्याज की फसल बेमौसम बारिश के चलते खराब हुई।
कालाबाजारी और आपूर्ति में कमी भी कीमत बढ़ने के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे हैं. फिर भी सरकार का कहना है कि वह कीमत बढ़ने की वजह की जांच करवाएगी। सरकार का कहना है कि 10 हजार टन प्याज का आयात किया जाएगा, पर जानकारों की मानें तो आने वाले वक़्त में प्याज की कीमत में गिरावट नहीं होगी।