पटना:
बीजेपी में जारी घमासान थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, और अब संजय जोशी प्रकरण को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी अपने तेवर साफ करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया है। सुशील मोदी ने एक समाचारपत्र को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट कहा है कि किसी भी नेता को अपना फैसला पार्टी पर नहीं थोपना चाहिए।
सुशील ने संजय जोशी प्रकरण को लेकर कहा कि जिस तरह संजय जोशी को हटाया गया, वह ठीक नहीं था, क्योंकि किसी को भी पार्टी को 'हाईजैक' नहीं करना चाहिए और न ही पार्टी पर अपना फैसला थोपना चाहिए।
इतना ही नहीं, सुशील ने वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की उस राय से भी नाइत्तफाकी ज़ाहिर की, जिसमें पूर्व उप-प्रधानमंत्री ने कहा था कि जनता बीजेपी से निराश हैं। उन्होंने कहा कि संघ परिवार में इसे लेकर नाराज़गी है, लेकिन मैं नहीं मानता कि लोग बीजेपी से निराश हैं। उन्होंने कहा कि भाजपाध्यक्ष नितिन गडकरी के कुछ फैसलों पर सवाल उठाए गए थे, क्योंकि उन्हें इस तरह के काम का अनुभव नहीं था, लेकिन बाद में उन्होंने काम अच्छे ढंग से संभाल लिया, लेकिन उन्हें किसी एक व्यक्ति के दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार एनडीए का ही होगा, इसलिए हमें अपने सभी सहयोगियों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा। प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर सुशील का बयान काफी महत्वपू्र्ण है, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तो वह एनडीए छोड़ देंगे।
सुशील ने संजय जोशी प्रकरण को लेकर कहा कि जिस तरह संजय जोशी को हटाया गया, वह ठीक नहीं था, क्योंकि किसी को भी पार्टी को 'हाईजैक' नहीं करना चाहिए और न ही पार्टी पर अपना फैसला थोपना चाहिए।
इतना ही नहीं, सुशील ने वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की उस राय से भी नाइत्तफाकी ज़ाहिर की, जिसमें पूर्व उप-प्रधानमंत्री ने कहा था कि जनता बीजेपी से निराश हैं। उन्होंने कहा कि संघ परिवार में इसे लेकर नाराज़गी है, लेकिन मैं नहीं मानता कि लोग बीजेपी से निराश हैं। उन्होंने कहा कि भाजपाध्यक्ष नितिन गडकरी के कुछ फैसलों पर सवाल उठाए गए थे, क्योंकि उन्हें इस तरह के काम का अनुभव नहीं था, लेकिन बाद में उन्होंने काम अच्छे ढंग से संभाल लिया, लेकिन उन्हें किसी एक व्यक्ति के दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार एनडीए का ही होगा, इसलिए हमें अपने सभी सहयोगियों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा। प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर सुशील का बयान काफी महत्वपू्र्ण है, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख घटक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तो वह एनडीए छोड़ देंगे।
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