
केंद्र सरकार ने तेलंगाना विधेयक पर सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी मिलने के बावजूद आज इसे राज्यसभा में पेश नहीं करेगा।
इस विधेयक की प्रकृति को लेकर यूपीए के भीतर मतभेद है और इसलिए सरकार ने इस राज्यसभा में पेश करने की बजाए इस पर कानून मंत्रालय की राय मांगी है। राज्यसभा सचिवालय ने कानून मंत्रालय से विचार मांगा है कि तेलंगाना विधेयक धन विधेयक है या नहीं।
कानून मंत्रालय अगर विचार देता है कि यह धन विधेयक है, तो तेलंगाना विधेयक को पहले लोकसभा में पेश किया जाएगा।
आंध्रप्रदेश के विभाजन से संबंधित इस विधेयक को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी मिलने के बाद आज इसे राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना थी।
सरकारी सूत्रों ने सोमवार रात कहा कि कानून मंत्रालय का अगर विचार यह है कि विधेयक धन विधेयक नहीं है तो बुधवार को इसे राज्यसभा में पेश किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि आंध्रप्रदेश पुनर्गठन विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी, लेकिन राज्य विधानसभा ने इसे खारिज कर दिया। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ इसे वापस गृह मंत्रालय के पास भेजा गया है।
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