
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को नये नागरिकता कानून और संभावित एनआरसी पर मुस्लिम समुदाय की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया. हालांकि ठाकरे ने मुस्लिम विद्वानों और मौलवियों के एक शिष्टमंडल की इस मांग पर उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ केरल और पंजाब की तर्ज पर राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाए. मुख्यमंत्री ने दक्षिण मुंबई में पुलिस आयुक्त कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस अवसर पर रजा एकेडमी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में प्रस्ताव पारित करने की मांग की.
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जामिया कादरिया अशरफिया के अध्यक्ष सैयद मुइनुद्दीन अशरफ ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमसे कहा कि मुंबई हर भारतीय की है और उनकी तरह हर नागरिक का शहर पर समान अधिकार है.'' अशरफ ने ठाकरे के हवाले से कहा, ‘‘मुंबई सभी के लिए है और यहां पीढ़ियों से रहने वाले लोगों को निकाला नहीं जा सकता.'' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडल को सीएए तथा एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का कोई आश्वासन नहीं दिया.
रजा एकेडमी के महासचिव एम सईद नूरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुंबई में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के बारे में भी बात की और शहर में अमन-चैन बनाकर रखने की अपील की. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मुस्लिम समुदाय के 200 और सदस्यों से भी मुलाकात की. पुलिस आयुक्त संजय बर्वे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं