
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विरोधी और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए गुरुवार को कहा कि तक्षशिला जो पाकिस्तान में है, उसके बारे में भी लोग पाकिस्तान की बजाय बिहार कह देते हैं। यह इतिहास के बारे जो समझ होनी चाहिए, उसका अभाव है।
पिछले 27 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित हुंकार रैली को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए तक्षशिला को बिहार में बताने के साथ सिकंदर के गंगा किनारे तक आने तथा चंद्रगुप्त को मौर्य वंश की बजाय गुप्त वंश का बताया था।
भारतीय ऐतिहासिक अभिलेख कमिटी के 61वें अधिवेशन का गुरुवार को उद्घाटन करते हुए नीतीश ने मोदी की ओर इशारा करते हुए उन पर चुटकी लेते हुए कहा कि तक्षशिला जो पाकिस्तान में है, उसके बारे में भी लोग पाकिस्तान की बजाय बिहार कह देते हैं। इतिहास के बारे में जो समझ होनी चाहिए, उसका अभाव है।
उन्होंने कहा कि इतिहास में दिलचस्पी होनी चाहिए और उनका स्वभाव है कि जब वे भ्रमण पर कहीं जाते हैं, तो वहां पुराने जमाने की चीजों, उस समय के इतिहास लोगों के रहन-सहन कला एवं संस्कृति के बारे में जानकारी लेते हैं। नीतीश ने कहा कि जो कुछ भी हमारी पुरानी चीजें है, उसके बारे में जो काम होना चाहिए, वह कम होता है। इतिहास के बारे में संवेदनशीलता बहुत कम है। उन्होंने कहा कि देश में अभिलेखों को रखने पर जोर नहीं दिया गया।
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