पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द करने के सरकार के फैसले पर आज कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया आई जिसने सरकार पर अस्पष्ट और असंगत विदेश नीति अपनाने का आरोप लगाया वहीं भाजपा ने इसे साहसिक कदम बताया।
नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले को महज नाटकीय करार देते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ निपटने की भारत की नीति के संबंध में भ्रामक संदेश दे रही है।
उन्होंने पाकिस्तान की ओर से लगातार उकसावे की कार्रवाई के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बातचीत को पहले स्थान पर रखने की सहमति जताने पर सवाल खड़ा किया।
शर्मा ने कहा, 'जब पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन के द्वारा उकसावे की कार्रवाई हो रही है तो नरेंद्र मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की बातचीत करने का फैसला किस आधार पर किया।'
हालांकि भाजपा ने सरकार के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है लेकिन अपने आंतरिक मामलों में कोई दखलंदाजी नहीं होने देगा। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, 'भाजपा वार्ता रद्द होने के फैसले का स्वागत करती है। भारत अपने पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते चाहता है लेकिन वह किसी के भी द्वारा अपने आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।'
उन्होंने कहा कि मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में नवाज शरीफ को आमंत्रित करने की पहल की थी और उनसे अच्छे रिश्ते चाहते थे, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने के अपने वायदे को नहीं निभाया है।
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