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This Article is From Aug 02, 2021

मुंबई: वैक्सीन के ट्रायल के लिए नहीं मिल रहे बच्चे, 50 की जरूरत लेकिन अभी तक 5 मिले

नायर अस्पताल मुंबई का पहला अस्पताल बना, जिसने बच्चों के बीच इस वैक्सीन का क्लिनिकल परीक्षण शुरू किया.प्रोटोकॉल के मुताबिक ट्रायल के लिए लिखित सहमति के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता की ऑडियो-विजुअल सहमति भी जरूरी है.

मुंबई: वैक्सीन के ट्रायल के लिए नहीं मिल रहे बच्चे, 50 की जरूरत लेकिन अभी तक 5 मिले
प्रतीकात्मक तस्वीर.
मुंबई:

तीसरी लहर के प्रकोप से पहले बच्चों की वैक्सीन तैयार भी हो जाए इसलिए बच्चों पर वैक्सीन की क्लीनिकल ट्रायल जारी है पर मुंबई के अस्पताल में ट्रायल के लिए बच्चे नहीं मिल रहे. जहां 50 बच्चों की ज़रूरत है वहाँ सिर्फ़ 5 बच्चों को ही अब तक वैक्सीन की पहली डोज़ लग सकी है. संभावित तीसरी लहर बच्चों पर ज़्यादा प्रभाव ना डाले इसलिए वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल बच्चों पर भी जारी है. मुंबई में बीएमसी के बड़े अस्पताल में शामिल नायर हॉस्पिटल में 13 जुलाई से 12-17 आयु वर्ग के लिए ज़ायडस कैडिला के Zycov-D वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हुआ. 

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ट्रायल के लिए 50 बच्चों की ज़रूरत है पर अब तक पाँच बच्चों ने ही रजिस्ट्रेशन करवाकर वैक्सीन की पहली डोज़ ली है. वॉलंटीयर्स को इस वैक्सीन की कुल तीन खुराक चार हफ़्तों के अंतराल में दी जानी है. अहमदाबाद स्थित फार्मा कंपनी जायडस कैडिला की जायकोव-डी पहली DNA बेस्ड वैक्सीन है. ये Covaxin के बाद दूसरा स्वदेशी टीका है. नायर अस्पताल मुंबई का पहला अस्पताल बना, जिसने बच्चों के बीच इस वैक्सीन का क्लिनिकल परीक्षण शुरू किया.

प्रोटोकॉल के मुताबिक ट्रायल के लिए लिखित सहमति के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता की ऑडियो-विजुअल सहमति भी जरूरी है. माता-पिता को जागरूक करने के इरादे से अस्पताल ने दो हेल्पलाइन नंबर- 022-23027205 और 23027204 भी शुरू किए हैं. जो माता-पिता अपने बच्चों को परीक्षण में नामांकित करना चाहते हैं, वे इन नंबरों पर कॉल कर अपनी शंकाओं को दूर कर सकते हैं.

नायर अस्पताल के डीन डॉ रमेश भरमाल का कहना है कि संदेह की वजह से और जागरूकता की कमी के कारण, माता-पिता ​​बच्चों के ट्रायल के बारे में पूछताछ तो कर रहे हैं लेकिन बच्चों को लाने से डर रहे हैं. हमें अभी तक केवल पांच बच्चे मिले हैं, जिन्होंने वैक्सीन का पहला शॉट लिया है. माता-पिता को ZyCoV-D के परीक्षण के लिए आगे आना चाहिए. जब तक परीक्षण पूरा नहीं हो जाता, टीकाकरण बच्चों के लिए शुरू नहीं हो पाएगा.

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क़रीब एक हफ़्ते पहले ही, 24 जुलाई को मुंबई के दादर में कुछ माओं के साथ समाजसेवियों ने एक धरना दिया था जिसमें बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल को लेकर आपत्ति जतायी थी.इधर, बीएमसी का आँकड़ा बताता है कि अब तक 47,104 बच्चे मुंबई में कोविड संक्रमण से गुज़रे हैं. शहर में कुल संक्रमितों में 6.41% कोविड मरीज़, 19 साल से नीचे के रहे. अब सम्भावित तीसरी लहर के प्रकोप से पहले बच्चों का भी टीका तैयार हो इसके लिए ट्रायल जारी है पर बच्चे नदारद.

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