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This Article is From May 26, 2015

मुंबई हवाई अड्डे के ऊपर उड़ाते पैराशूट का रहस्य सुलझा

मुंबई हवाई अड्डे के ऊपर उड़ाते पैराशूट का रहस्य सुलझा
मुंबई: खोदा पहाड़ निकला चूहा। मुंबई में कुछ ऐसा ही हुआ। शनिवार 23 मई को मुंबई हवाई अड्डे पर पैराशूट नहीं गुब्बारे मंडरा रहे थे। एयरपोर्ट पुलिस ने इस मामले में एक इवेंट कंपनी के 2 लोगों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार कुणाल शाह इवेंट कंपनी का मालिक है जबकि निलेश श्रीमानकार उस कंपनी का कर्मी। मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मुताबिक दोनों ने कबूल किया है कि शनिवार को एयरपोर्ट के पास ही एयर इंडिया ग्राउंड पर एक क्रिकेट टुर्नामेंट के शुभारंभ में उन्होंने गैस से भरे गुब्बारों के गुच्छे उड़ाए थे। गुब्बारों के नीचे क्रिकेट टीम की नाम लिखी पट्टियां लटकाई गई थीं। वही गुब्बारे एयरपोर्ट के ऊपर से उड़ते हुए देखे गए थे जिन्हें पैराशूट समझ लिया गया था।

इलाके के डीसीपी विरेंद्र मिश्र ने बताया कि धर्मानंद डायमंड प्राईवेट लिमिटेड कंपनी और 4 बैंको ने अपने कर्मियों के लिये क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया था। आयोजन की जिम्मेदारी कुणाल शाह की इवेंट कंपनी को दी गई थी।

23 मई की शाम को जेट एयरवेज के पायलट ने एयरपोर्ट के आसमान में 5 पैराशूट उड़ते हुए देखा था। तुरंत एटीसी को सूचना दी गई थी। एटीसी ने भी पैराशूट की तस्दीक की और ऐ‍हतियातन कुछ देर के लिये हवाईहड्डे से उड़ानें बंद कर दी गई थी। क्योंकि उड़ान के समय पैराशूट हवाई जहाज से टकरा सकते थे। जिससे बड़ी दुंर्घटना हो सकती थी। इसके अलावा चश्मदीदों ने दावा किया था कि पैराशूट हवा के विपरित दिशा में उड़ रहे थे इसलिए हो सकता है कि वो रिमोट से संचालित हो रहे होंगे। तो क्या पैराशूट में कैमरे लगे थे? कहीं कोई साजिश तो नहीं थी? ऐसे सवाल उठने शुरू हो गए थे।

सुरक्षा में इस चूक से मुंबई पुलिस सहित सीआईएसफ, डीजीसीए, बीसीएएस, एयरफोर्स और आईबी भी सकते में आ गई थी। लेकिन हैरानी की बात थी कि दो दिन तक ये पता नहीं चल पाया था कि पैराशूट कहां से और कैसे आ गये थे जबकि हवाई अड्डे के आस-पास किसी भी वस्तु को उड़ाने पर प्रतिबंध है।

हालांकि शुरुआत में पुलिस से लेकर एयरपोर्ट से जुड़ी सभी एजेंसियों ने पहले आसमान में पैराशूट के मामले को हल्के में लिया था। लेकिन मीडिया में पैराशूट की तस्वीर आते ही सभी को हरकत में आना पड़ा और पायलट से लेकर एटीसी के उस कर्मी तक का बयान दर्ज किया गया जिसने दूरबीन से पैराशूट को देखा था। एयरपोर्ट के आसपास के सभी पुलिस थानों को भी पैराशूट की तलाश मे जुटना पड़ा था।

एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के एक अफसर के मुताबिक आसपास के इलाकों में पूछताछ में पता चला था कि एयरपोर्ट के गेट नंबर आठ के पास जहां सबसे पहले पैराशूट को देखा गया था वहां पास में एयर इंडिया का मैदान है। वहां शनिवार को एक बड़ा इवेंट हुआ था और आसमान में गुब्बारे उड़ाए गए थे। तब पुलिस ने इवेंट कंपनी के मालिक कुणाल शाह को बहाने से बुलाकर इवेंट की जानकारी ली और गुब्बारों के फोटो देखने के बाद जब पुख्ता हो गया तब दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने दोनों पर धारा 188, 336 के तहत लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कर अंधेरी की अदालत में पेश किया जहां अदालत ने दोनों को 10-10 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। जमानत पर छूटने के बाद कुणाल के मित्र ने बताया कि मीडिया में खबर देखने के बाद वो लोग खुद पुलिस के सामने हाजिर हुए थे। उन्हें नहीं पता था कि वहां गुब्बारे उड़ाना मना है। पहले भी उस मैदान पर ऐसे इवेंट हो चुके हैं लेकिन कभी किसी ने नहीं रोका।

बहरहाल पैराशूट की जगह गुब्बारे निकलने से मुंबई पुलिस के साथ एयरपोर्ट से जुड़ी बाकी सभी एजेंसियों ने भले ही राहत की सांस ली है। लेकिन ये कहना भी गलत नहीं होगा कि एयरपोर्ट की सुरक्षा में चूक हुई है और उसकी समिक्षा जरूरी है।

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