
नई दिल्ली:
भारत में करोड़पति बढ़ गए हैं. जी हां, सरकारी आंकड़ों के हिसाब से यह सच है. आकलन वर्ष 2015-16 के दौरान एक करोड़ रुपये वार्षिक से ज़्यादा आय घोषित करने वाले व्यक्तियों की संख्या में 23.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, और उनकी संख्या अब 59,830 हो गई है. इसी जानकारी के साथ एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि भले ही करोड़पतियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन पिछले साल की तुलना में उनकी आय में खासी गिरावट आई है.आयकर विभाग द्वारा बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्तवर्ष 2014-15 (आकलन वर्ष 2015-16) के दौरान एक करोड़ रुपये से ज़्यादा कुल आय घोषित करने वाले 59,830 व्यक्तियों की आय कुल मिलाकर 1.54 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि आकलन वर्ष 2014-15 के दौरान एक करोड़ रुपये वार्षिक से ज़्यादा आय वाले व्यक्तियों की संख्या सिर्फ 48,417 थी, लेकिन कुल मिलाकर उनकी आय 2.05 लाख करोड़ रुपये रही थी.
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आकलन वर्ष 2015-16 के दौरान देश की 1.2 अरब आबादी में से 4.07 करोड़ लोगों ने आयकर रिटर्न फाइल की, जिनमें से लगभग 82 लाख लोगों ने शून्य या 2.5 लाख रुपये वार्षिक से कम आय ज़ाहिर की. आयकर की मौजूदा दरों के हिसाब से 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगता है. आकलन वर्ष 2014-15 में 3.65 करोड़ लोगों ने रिटर्न फाइल की थी, जिनमें से 1.37 करोड़ लोगों ने अपनी आय 2.5 लाख रुपये से कम घोषित की थी.व्यक्तिगत आयकरदाताओं की कुल मिलाकर आय आकलन वर्ष 2015-16 के दौरान 21.27 लाख करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले आकलन वर्ष में यह राशि 18.41 लाख करोड़ रुपये रही थी.वित्तवर्ष 2014-15 के दौरान कुल 1.33 करोड़ व्यक्ति 2.5 लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये के बीच आय वाले रहे.
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एक करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों की संख्या इस दौरान 55,331 रही, जबकि 5 से 10 करोड़ रुपये के बीच आय वाले 3,020 रहे. 1,156 व्यक्तियों की आय 10 से 25 करोड़ रुपये के बीच रही. आकलन वर्ष 2015-16 के दौरान देशभर में सिर्फ एक व्यक्ति की आय 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा रही, और वह आंकड़ा 721 करोड़ रुपये का था. इससे पिछले वित्तवर्ष के दौरान ऐसे व्यक्तियों की संख्या सात थी, और उनकी कुल आय 85,183 करोड़ रुपये थी. आकलन वर्ष 2015-16 में 100 से 500 करोड़ रुपये वार्षिक आय वाले व्यक्तियों की संख्या भी 31 (सभी की कुल आय 4,175 करोड़ रुपये) रही, जबकि पिछले आकलन वर्ष में यह संख्या 17 थी, जिनकी कुल मिलाकर आय 2,761 करोड़ रुपये रही थी.
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व्यक्तिगत आयकरदाताओं को मिलाकर कुल आयकर रिटर्न की संख्या आकलन वर्ष 2015-16 के दौरान 4.35 करोड़ रही, और सभी की कुल मिलाकर आय 33.62 लाख करोड़ रुपये घोषित की गई. पिछले साल कुल 3.91 करोड़ रिटर्न फाइल की गई थीं, जिनकी कुल मिलाकर आय 26.93 लाख करोड़ रुपये रही थी.
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आकलन वर्ष 2015-16 के दौरान देश की 1.2 अरब आबादी में से 4.07 करोड़ लोगों ने आयकर रिटर्न फाइल की, जिनमें से लगभग 82 लाख लोगों ने शून्य या 2.5 लाख रुपये वार्षिक से कम आय ज़ाहिर की. आयकर की मौजूदा दरों के हिसाब से 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगता है. आकलन वर्ष 2014-15 में 3.65 करोड़ लोगों ने रिटर्न फाइल की थी, जिनमें से 1.37 करोड़ लोगों ने अपनी आय 2.5 लाख रुपये से कम घोषित की थी.व्यक्तिगत आयकरदाताओं की कुल मिलाकर आय आकलन वर्ष 2015-16 के दौरान 21.27 लाख करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले आकलन वर्ष में यह राशि 18.41 लाख करोड़ रुपये रही थी.वित्तवर्ष 2014-15 के दौरान कुल 1.33 करोड़ व्यक्ति 2.5 लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये के बीच आय वाले रहे.
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