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This Article is From Dec 09, 2019

इलेक्टोरल बॉन्ड से सबसे ज्यादा चंदा दिया गया : रिपोर्ट

वित्त वर्ष 2018-19 में तीन राष्ट्रीय और 22 क्षेत्रीय दलों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से 50.54 फीसदी या 587.87 करोड़ रुपये जुटाया.

इलेक्टोरल बॉन्ड से सबसे ज्यादा चंदा दिया गया : रिपोर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर.
नई दिल्ली:

वित्त वर्ष 2018-19 में तीन राष्ट्रीय और 22 क्षेत्रीय दलों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से 50.54 फीसदी या 587.87 करोड़ रुपये जुटाया. वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 35 राजनीतिक दलों की ऑडिट रिपोर्ट अभी तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने राष्ट्रीय व क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों के वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आय व खर्च का विश्लेषण किया है. इन तीन राष्ट्रीय पार्टियों में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी), मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) शामिल हैं. पार्टियों के लिए वार्षिक ऑडिटेड अकांउट की तय तारीख 31 अक्टूबर थी. 

इलेक्टोरल बॉन्ड क्या पारदर्शिता के खिलाफ नहीं?

सभी तीन राष्ट्रीय व 22 क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों की रिपोर्ट का विश्लेषण किया गया, जिन्होंने अपनी ऑडिट रिपोर्ट समय पर जमा की. बाकी की पांच राष्ट्रीय पार्टियों व 30 क्षेत्रीय पार्टियों की वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ऑडिट रिपोर्ट ईसीआई (इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है. इसमें कुछ प्रमुख पार्टियों जैसे भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भाकपा, द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल, एसएचएस, तेलुगू देशम पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, एआईएफबी शामिल हैं. वित्त वर्ष 2018-19 में तीन राष्ट्रीय और 22 क्षेत्रीय दलों की कुल आय 1,163.17 करोड़ रुपये है. 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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आईएएनएस
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