पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और समझा जाता है कि दोनों ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
अधिकारियों ने इसे अजीज द्वारा प्रधानमंत्री से की गई शिष्टाचार मुलाकात बताया।
यहां 11वें एशिया-यूरोप विदेश मंत्री सम्मलेन में भाग लेने के लिए आए अजीज ने मंगलवार को विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से मुलाकात की थी।
एएसईएम बैठक से इतर खुर्शीद और अजीज के बीच मुलाकात के दौरान भारत ने पाकिस्तान को बताया कि सार्थक वार्ता के लिए उसकी ‘भावनाओं और संवेदनशीलता’ का सम्मान करना होगा।
दोनों पक्षों ने जल्द से जल्द अपने अपने डीजीएमओ के बीच बैठक की जरूरत पर बल दिया और नियंत्रण रेखा पर शांति तथा समरसता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
भारत ने पाकिस्तान पर इस बात का भी दबाव बनाया कि उसे मुंबई आतंकी हमला मामले की सुनवाई में तेजी लानी चाहिए। भारत ने अजीज को बताया कि वह पाकिस्तान को इस मामले में वे सब सबूत मुहैया करा चुका है, जिनकी उसने मांग की थी।
बैठक से पूर्व, खुर्शीद ने नियंत्रण रेखा पर संघषर्विराम समझौते के उल्लंघन का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि हालिया समय में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन्हें सरकार या भारत में कोई भी उत्साजनक नहीं मानता। संघषर्विराम उल्लंघन की घटनाओं में कई भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं।
एएसईएम की बैठक में शामिल होने के लिए आने के तुरंत बाद अजीज द्वारा हुर्रियत और अन्य अलगाववादी नेताओं से मुलाकात किए जाने के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा था, मैं यह कहूंगा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम क्या कहते हैं और क्या करते हैं, हमें सावधानीपूर्वक देखना होगा। एक विवाद को जन्म देते हुए अजीज ने हुर्रियत कांफ्रेंस के विभिन्न कश्मीरी अलगाववादी समूहों के नेताओं से मुलाकात की थी। इसे सरकार ने ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ माना था और साथ ही इसे एक बहुपक्षीय मंच का दुरुपयोग बताया था।
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