
मेजर अमित देसवाल का फाइल फोटो...
नई दिल्ली:
मणिपुर के तामेंगलोंग में उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना की स्पेशल फोर्स (एसएफ) के कमांडो मेजर अमित देसवाल शहीद हो गए। अमित देसवाल हरियाणा के झज्जर के रहने वाले थे। एनकाउंटर बुधवार रात से चल रहा था।
मेजर देसवाल कुछ महीने पहले ही यूएन पीसकीपिंग फोर्स में ड्यूटी कर लौटे थे। मेजर देशवाल 2006 में सेना में शामिल हुए थे। दो साल में ही सेना के घातक-कमांडो दस्ते में शामिल हुए और बेस्ट कमांडो का अवार्ड 'कमांडो-डैगर' पाया। इसी साल जनवरी में स्पेशल फोर्स में शामिल हुए और मणिपुर में चल रहे 'ऑपरेशन हिफाजत 2' का हिस्सा बने। इसी ऑपरशेन के तहत बीती रात तामेंगलोंग के जंगलों में प्रतिबंधित संगठन ज़ेडयूएफ (ZUF) के उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन करने गए थे। कल रात से एनकाउंटर जारी था। बुधवार को मेजर देशवाल को दो गोलियां लगीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई। एनकाउंटर में एक उग्रवादी भी मारा गया।
गुरुवार को मेजर अमित देसवाल का शव बरामद कर लिया गया जो बुधवार को उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। उनके शव को हवाई मार्ग से इंफाल लाया गया है। सेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देसवाल का पार्थिव शरीर नई दिल्ली होकर हरियाणा में झज्जर जिले के सुरेहती ले जाया जाएगा जहां के वह रहने वाले थे।
सेना की 21 पैरा एसएफ के मेजर देसवाल राष्ट्रीय राइफल्स और विशेष बलों के कर्मियों द्वारा चलाए गए एक तलाशी अभियान के दौरान नुंग्बा क्षेत्र के घने जंगलों में जेडयूएफ के उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में एक उग्रवादी भी मारा गया था। देसवाल के परिवार में उनकी पत्नी तथा साढ़े तीन साल का एक बेटा है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिन से जारी धरपकड़ अभियान सेना ने फिलहाल रोक दिया है।
मेजर देसवाल कुछ महीने पहले ही यूएन पीसकीपिंग फोर्स में ड्यूटी कर लौटे थे। मेजर देशवाल 2006 में सेना में शामिल हुए थे। दो साल में ही सेना के घातक-कमांडो दस्ते में शामिल हुए और बेस्ट कमांडो का अवार्ड 'कमांडो-डैगर' पाया। इसी साल जनवरी में स्पेशल फोर्स में शामिल हुए और मणिपुर में चल रहे 'ऑपरेशन हिफाजत 2' का हिस्सा बने। इसी ऑपरशेन के तहत बीती रात तामेंगलोंग के जंगलों में प्रतिबंधित संगठन ज़ेडयूएफ (ZUF) के उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन करने गए थे। कल रात से एनकाउंटर जारी था। बुधवार को मेजर देशवाल को दो गोलियां लगीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई। एनकाउंटर में एक उग्रवादी भी मारा गया।
गुरुवार को मेजर अमित देसवाल का शव बरामद कर लिया गया जो बुधवार को उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। उनके शव को हवाई मार्ग से इंफाल लाया गया है। सेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देसवाल का पार्थिव शरीर नई दिल्ली होकर हरियाणा में झज्जर जिले के सुरेहती ले जाया जाएगा जहां के वह रहने वाले थे।
सेना की 21 पैरा एसएफ के मेजर देसवाल राष्ट्रीय राइफल्स और विशेष बलों के कर्मियों द्वारा चलाए गए एक तलाशी अभियान के दौरान नुंग्बा क्षेत्र के घने जंगलों में जेडयूएफ के उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में एक उग्रवादी भी मारा गया था। देसवाल के परिवार में उनकी पत्नी तथा साढ़े तीन साल का एक बेटा है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिन से जारी धरपकड़ अभियान सेना ने फिलहाल रोक दिया है।
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