
क्रिकेटर बनने का सपना संजो कर मुंबई आए एक युवक ने क्रिकेट क्लब की फीस और किट खरीदने के लिए जुर्म का रास्ता चुना और पकड़ा गया। 19 साल का हरेंद्र आजमगढ़ से मुंबई रोहित शर्मा की तरह क्रिकेटर बनने आया था।
मुंबई में उसका कोई नहीं है, इसलिए वह ठाणे में रहने वाले अपने दोस्त के घर रहने लगा। उसने सुन रखा था कि मुंबई मे आजाद मैदान पर कई क्रिकेट क्लब है, जहां खेलना सिखाया जाता है, लेकिन वहां जाने पर पता चला कि इसके लिए क्लब की फीस भरनी पड़ेगी और क्रिकेट किट भी खरीदनी होगी।
हरेंद्र का दोस्त नरेंद भी छोटा-मोटा काम करता था और उसके पास इतने रुपये नहीं थे कि वह हरेंद्र की मदद कर सके। तभी मुंबई की लोकल ट्रेनों मे लापता बच्चों के पोस्टर देख दोनों को आसानी से रुपये कमाने का आइडिया सूझा। उन्होंने कुछ गुमसुदा बच्चों के परिवारों को फोन लगाकार धमकाया कि बच्चा उनके कब्जे में है। अगर सही सलामत चाहिए तो फिरौती की रकम देकर छुड़ा ले जाएं।
इस क्रम में दोनों ने एक ऐसे परिवार को भी फोन कर दिया, जिनका बच्चा वापस मिल चुका था। घरवालों ने पुलिस को सूचित किया। बस फिर क्या था, फोन लोकेशन से पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
दोनों ने असल में भले ही किसी को अगवा नहीं किया, लेकिन धमकी दी और फिरौती की मांग की इसलिए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
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