
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उनके लिए अपना धर्म साबित करने से ज्यादा मर जाना बेहतर होगा. मुख्यमंत्री ने भाजपा को चुनौती दी है कि वह तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा की कई धार्मिक गतिविधियों की तुलना पहले वाली राज्य सरकार से करें. उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों की अपेक्षा तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य में व्यापक तौर पर दुर्गा पूजा का आयोजन हुआ. बंगाल के 15वीं शताब्दी के विख्यात संत चैतन्य महाप्रभु पर बने एक संग्रहालय का उद्घाटन करते हुए तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने कहा कि वह हिंदू हैं लेकिन उनके मन में हर पंथ और धर्म के लिए श्रद्धा है.
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बिना भाजपा का नाम लिए हुए बनर्जी ने कहा कि मेरे लिए किसी मंदिर में प्रवेश से पहले खुद का धर्म साबित करने से ज्यादा मर जाना बेहतर होगा. आप कोई नहीं हैं जिसके समक्ष मुझे अपना धर्म साबित करना पड़े. भाजपा कई बार बनर्जी पर अल्पसंख्यक वोट हासिल करने के लिए मुस्लिम समुदाय के तुष्टिकरण का आरोप लगा चुकी है. तृणमूल कांग्रेस का यह जवाब ऐसे समय में आया है जब भाजपा राज्य सरकार पर यहां दुर्गा पूजा के आयोजनों में कमी करने का आरोप लगा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को केंद्र में सत्ता में आने के बाद खुद के किए गए काम पर ध्यान देना चाहिए.
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बनर्जी ने कहा कि मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि हमारी आठ साल के सरकार के धार्मिक कार्यों की तुलना वह पुरानी सरकारों से करें. हम मानवता में विश्वास करते हैं और धर्म का मतलब मानवता होता है. यह हमें प्रत्येक मनुष्य से प्रेम और उनका आदर करना सिखाता है. धर्म हमें लोगों को बांटने की शिक्षा नहीं देता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि चैतन्य महाप्रभु ने लोगों को प्रेम और शांति का उपदेश दिया. लोगों ने उन पर हमले किए जैसा कि समाज सुधारक राजा राममोहन रॉय पर भी हुआ लेकिन ये लोग कभी पीछे नहीं हटे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं