
जलगांव:
महाराष्ट्र में जलगांव जिले के चालीसगांव पुलिस थाने में तैनात हवलदार विपिन तिवारी को 65 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है और स्थानीय अदालत ने उसे 1 फरवरी तक के लिए पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
दरअसल, समृद्ध भारत नामक एक कंपनी के खिलाफ किसी गांव वाले ने धोखाघड़ी के आरोप में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसकी जांच के लिए विपिन तिवारी को भेजा गया था। कंपनी के अधिकारियों ने उसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई कि हवलदार विपिन तिवारी ने उनसे एक करोड़ रुपये की घूस मांगी है।
ब्यूरो ने इसके बाद जाल बिछाया और हवलदार को 65 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि उसके अलावा पुलिस विभाग के कौन-कौन अधिकारी इसमें शामिल हैं और इसी कारण फिलहाल ठाणे के इंस्पेक्टर का तबादला मुख्यालय में कर दिया गया है।
सूत्रों से पता चला है कि हवलदार विपिन तिवारी के पास लगभग 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति है, इसलिए इस बात की भी जांच हो रही है कि आखिर एक हवलदार के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई।
दरअसल, समृद्ध भारत नामक एक कंपनी के खिलाफ किसी गांव वाले ने धोखाघड़ी के आरोप में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसकी जांच के लिए विपिन तिवारी को भेजा गया था। कंपनी के अधिकारियों ने उसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई कि हवलदार विपिन तिवारी ने उनसे एक करोड़ रुपये की घूस मांगी है।
ब्यूरो ने इसके बाद जाल बिछाया और हवलदार को 65 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि उसके अलावा पुलिस विभाग के कौन-कौन अधिकारी इसमें शामिल हैं और इसी कारण फिलहाल ठाणे के इंस्पेक्टर का तबादला मुख्यालय में कर दिया गया है।
सूत्रों से पता चला है कि हवलदार विपिन तिवारी के पास लगभग 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति है, इसलिए इस बात की भी जांच हो रही है कि आखिर एक हवलदार के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई।
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