
महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आज राज्य सरकार से उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के खिलाफ जांच की इजाजत मांगी, जिनके विरुद्ध एक सामाजिक कार्यकर्ता ने 12 सिंचाई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण वातेगांवकर ने इन दो शीर्ष राकांपा नेताओं के अलावा कोंकण सिंचाई विकास निगम (केआईडीसी) के कई लोकसेवकों के खिलाफ भी जांच की मांग की है।
ब्यूरो के एक शीर्ष अधिकारी ने पहचान नहीं बताने की शर्त पर कहा, 'हमने आज वातेगांवकर की शिकायत राज्य सरकार के पास भेज दी और पवार, तटकरे एवं अन्य के खिलाफ जांच की इजाजत मांगी।'
महाराष्ट्र सरकार ने जून में विधानसभा में माधव चिताले समिति की रिपोर्ट पेश की थी जिसने सिंचाई परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जांच में अनियमितताएं पाई थीं। सुनील तटकरे ने कहा, 'चिताले समिति की रिपोर्ट में मुझे एवं उपमुख्यमंत्री को पाक साफ बताया गया है। हमारी ओर से कोई अनियमितताएं नहीं हुईं।'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं