मध्‍यप्रदेश में शक के दायरे में एक और व्‍यापमं परीक्षा! एक ही कॉलेज से 10 टॉपर, सभी की एक जैसी गलती

उम्मीदवारों की मांग है कि परीक्षा परिणाम रोककर इसकी जांच सीबीआई या लोकायुक्त से कराई जाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिलहाल मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं.

मध्‍यप्रदेश में शक के दायरे में एक और व्‍यापमं परीक्षा! एक ही कॉलेज से 10 टॉपर, सभी की एक जैसी गलती

व्‍यापमं की ओर से आयोजित एक और परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं (प्रतीकात्‍मक फोटो)

भोपाल:

मध्यप्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा मंडल (व्यापमं) को लेकर पहले से ही कई आरोप लगे थे, अब प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड की एक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. उम्मीदवारों की मांग है कि परीक्षा परिणाम रोककर इसकी जांच सीबीआई या लोकायुक्त से कराई जाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिलहाल मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं.गौरतलब है कि व्यापमं ने 10-11 फरवरी को ये परीक्षा आयोजित की थी. 17 फरवरी को आंसर शीट जारी हुई. जनरल नॉलेज की परीक्षा में सभी 10 छात्रों को एक जैसे अंक मिले. यहां तक कि इन सभी ने जिन सवालों के गलत उत्तर दिए हैं, वो भी एक जैसे हैं.

प्रश्न 1. सेब को आमतौर पर_ के अंतर पर लगाया जाता है?

1. 4 × 4 मीटर

2. 1 × 1 मीटर

3. 2 × 2 मीटर

4. 6 × 6 मीटर

सही - 6 × 6 मीटर

व्यापमं - 4 × 4 मीटर

प्रश्न - शामिल या उपलब्ध उर्वरक तत्व की मात्रा से उपज के संबंध सहित डील करने वाले एग्रोनॉमी का अध्ययन _कहा जाता है?
1-मिट्टी की उत्पादकता

2- मिट्टी की उर्वरता

3- कृषि विज्ञान

4- एग्रोबायोलॉजी


सही - मिट्टी की उत्पादकता

व्यापमं - एग्रोबायोलॉजी

प्रश्न - निम्नलिखित में से कौन सा गन्ने के घासीय प्ररोह रोग का कारण है?
1  जीवाणु

2  विषाणु

3  कवक

4. माइकोप्लाज्मा

सही - माइकोप्लाज्मा

व्यापमं - जीवाणु
   

दरअसल व्यापमं की परीक्षा के 10 टॉपर, सभी ने ये तीन उत्तर गलत लिखे हैं और यही गलती व्यापमं के प्रश्नपत्र में भी थी. इसके अलावा भी कई गलतियां हैं, जिसके खिलाफ छात्रों ने दिन-रात प्रदर्शन किया. दंडवत होकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की ज़िद की. इन छात्रों का आरोप है कि व्यावसायिक शिक्षा मंडल यानी व्यापमं की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा में खूब धांधली हुई है. इन उम्मीदवारों का आरोप है कि शीर्ष 10 स्थान पर काबिज उम्मीदवार एक ही कॉलेज से बीएससी हैं. इन्हें परीक्षा में एक जैसे अंक मिले हैं. इनके प्रश्न पत्र में गलतियां भी एक जैसी हैं. मजे की बात यह है कि सारे 10 छात्र चंबल क्षेत्र के हैं. व्यापमं ने 10-11 फरवरी को ये परीक्षा आयोजित की थी. 17 फरवरी को आंसर शीट जारी हुई. जनरल नॉलेज की परीक्षा में सभी 10 छात्रों को एक जैसे अंक मिले. यहां तक कि इन सभी ने जिन सवालों के गलत उत्तर दिए हैं, वो भी एक जैसे हैं.


एक शिकायतकर्ता रंजीत रघुनाथ ने कहा कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का जो पेपर हुआ था वह 200 प्रश्न और 200 अंक का था जिसमें 100 प्रश्न एग्रीकल्चर से व सीसैट अर्थात जनरल नॉलेज, जनरल हिंदी, जनरल इंग्लिश, जनरल गणित और जनरल एप्टीट्यूड का था. व्यापमं ने त्रुटि बस एग्रीकल्चर के सौ प्रश्नों में से अपनी उत्तर पुस्तिका में तीन प्रश्नों के गलत उत्तर दिए थे. ये जितने 'फर्जी टॉपर' हैं, ने उसी विकल्प का चयन किया है, इससे साफतौर पर ऐसा प्रतीत होता है इनको पहले से प्रश्नपत्र दिये थे, 2 छात्र ऐसे हैं जिनका 2013 के व्यापमं घोटाले में नाम है. उम्मीदवारों ने जब प्रदर्शन किया, शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर जांच के आदेश दिये. इस मामले में कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि शिकायत आई है कि इसमें एक ही जगह के 10 लोगों को एक जैसे नंबर मिले हैं, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिये थे. हमने भी चेयरमैन को बुलाकर निर्देश दिये हैं कि जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी.

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कांग्रेस भी कह रही है परीक्षा में धांधली हुई है क्योंकि टॉपर्स की शैक्षणिक पृष्ठभूमि अच्छी नहीं रही है. पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजेंद्र सिंह ने कहा जो जानकारी आई है कि जिस कंपनी ने परीक्षा आयोजित कराई है वो ब्लैकलिस्टेड है उसे भी जांच के दायरे में लाना चाहिए, नहीं होगी तो फिर सच्चाई सामने आने में दिक्कत होगी जैसे पुराने व्यापमं में हुई है. दरअसल व्यापमं ने इस परीक्षा की जिम्मेदारी जिस कंपनी को दी थी उस पर कई राज्यों में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, बताया जा रहा है कि 2017 में यूपी में सब इंस्पेक्टर परीक्षा में गड़बड़ियों के चलते इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी किया गया था.