New Delhi:
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से परामर्श के बाद सरकार से लोकपाल विधेयक का एक नया मसौदा तैयार करने का अनुरोध करते हुए वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने गुरुवार को कहा कि गांधीवादी की मांगों पर सरकार का सहमत होना यह दिखाता है कि टीम अन्ना हमेशा तर्कसंगत थी। शांति भूषण ने पत्रकारों से कहा, मैं बहुत खुश हूं कि आखिरकार सरकार में एक अच्छी समझ विकसित हुई और उसने अन्ना हजारे को आमरण अनशन के लिए 15 दिनों की अनुमति दी। सरकार का यह निर्णय बताता है कि अन्ना हजारे कभी भी अपनी मांगों को लेकर अप्रासंगिक नहीं थे। टीम अन्ना के सदस्य भूषण के मुताबिक सामाजिक संगठन की ओर से पेश जन लोकपाल विधेयक का मसौदा संवैधानिक है। उन्होंने कहा, मैं प्रमाणित कर सकता हूं कि जन लोकपाल विधेयक का मसौदा संवैधानिक है और मैं सोचता हूं कि सरकार के लिए यह बुद्धिमानी होगी कि वह संसद में पेश अपने विधेयक को वापस ले और अन्ना हजारे से बातचीत के बाद विधेयक का एक नया मसौदा पेश करे।
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अन्ना हजारे, लोकपाल बिल, शांति भूषण