
लालू प्रसाद ने सपा में सुलह कराने के लिए आज सुबह सपा सुप्रीमो को फोन किया
लालू प्रसाद यादव ने आज सुबह कहा कि सपा में जो हो रहा है उससे मैं चिंतित हूं. उन्होंने कहा कि मैंने आज सुबह मुलायम सिंह यादव से बात की और उन्हें कहा कि फालतू लोगों के चक्कर में न पड़ें. जग हंसाई होती है. मैंने अखिलेश यादव से भी बातचीत की है. मैंने अखिलेश से कहा है कि वे मुलायम सिंह यादव से जाकर मिलें.
बाद में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्कासन वापस होने पर लालू प्रसाद ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया. चूंकि हमारा फर्ज था इसलिए फोन किया था.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार शाम को सपा से निष्कासित हुए अखिलेश यादव आज दोपहर में मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे. आजम खान उनको लेकर सपा सुप्रीमो के घर पर पहुंचे थे. उनकी मध्यस्थता में बैठक हुई. बाद में बैठक समाप्त होते ही सपा सुप्रीमो ने घोषणा करते हुए कहा कि अखिलेश यादव और रामगोपाल का निष्कासन रद कर दिया गया.
उसके बाद शिवपाल यादव ने कहा कि सपा में अब सब कुछ ठीक हो गया है और टिकटों पर सबसे विचार-विमर्श करके फैसला लिया जाएगा.
गौरतलब है कि इससे पूर्व शुक्रवार को टिकट बंटवारे को लेकर टकराव इतना बढ़ा कि पांच साल पहले अपनी विरासत बेटे को सौंपने वाले पिता मुलायम सिंह यादव ने उसी बेटे अखिलेश यादव को छह साल के लिए पार्टी से ही निकाल दिया था.शुक्रवार को पूरे दिन चले इस सियासी तूफान के बाद अखिलेश यादव ने आज विधायकों की बैठक बुलाई थी.
करीब 200 से अधिक विधायक और 30 से ज्यादा एमएलसी और नेता अखिलेश से मिलने पहुंचे थे. उधर, दूसरी ओर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सपा मुख्यालय पर बैठक बुलाई थी जिसमें करीब 20 विधायक और 60 उम्मीदवार पहुंचे थे. कह सकते हैं कि मुलायम से मिलने गिने-चुने लोग पहुंचे. दरअसल, इसके पीछे वजह साफ है कि पार्टी के लोग मुलायम सिंह यादव का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें अपना भविष्य अखिलेश यादव ने दिखाई दे रहा है.
बाद में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्कासन वापस होने पर लालू प्रसाद ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया. चूंकि हमारा फर्ज था इसलिए फोन किया था.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार शाम को सपा से निष्कासित हुए अखिलेश यादव आज दोपहर में मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे. आजम खान उनको लेकर सपा सुप्रीमो के घर पर पहुंचे थे. उनकी मध्यस्थता में बैठक हुई. बाद में बैठक समाप्त होते ही सपा सुप्रीमो ने घोषणा करते हुए कहा कि अखिलेश यादव और रामगोपाल का निष्कासन रद कर दिया गया.
उसके बाद शिवपाल यादव ने कहा कि सपा में अब सब कुछ ठीक हो गया है और टिकटों पर सबसे विचार-विमर्श करके फैसला लिया जाएगा.
गौरतलब है कि इससे पूर्व शुक्रवार को टिकट बंटवारे को लेकर टकराव इतना बढ़ा कि पांच साल पहले अपनी विरासत बेटे को सौंपने वाले पिता मुलायम सिंह यादव ने उसी बेटे अखिलेश यादव को छह साल के लिए पार्टी से ही निकाल दिया था.शुक्रवार को पूरे दिन चले इस सियासी तूफान के बाद अखिलेश यादव ने आज विधायकों की बैठक बुलाई थी.
करीब 200 से अधिक विधायक और 30 से ज्यादा एमएलसी और नेता अखिलेश से मिलने पहुंचे थे. उधर, दूसरी ओर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सपा मुख्यालय पर बैठक बुलाई थी जिसमें करीब 20 विधायक और 60 उम्मीदवार पहुंचे थे. कह सकते हैं कि मुलायम से मिलने गिने-चुने लोग पहुंचे. दरअसल, इसके पीछे वजह साफ है कि पार्टी के लोग मुलायम सिंह यादव का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें अपना भविष्य अखिलेश यादव ने दिखाई दे रहा है.
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