
किरन रिजिजू का फाइल फोटो
नई दिल्ली:
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने रविवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में वामपंथी उम्मीदवारों की जीत ऐसे छात्रों की वजह से हुई जो वामपंथी नेताओं द्वारा ''रूमानी बना दी गई'' और ''खारिज की जा चुकी विचारधारा'' से प्रभावित हैं .
रिजिजू ने कहा कि जेएनयू के उलट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को चुनने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में छात्र ''ताजातरीन दिमाग'' वाले हैं और ''बेकार'' हो चुकी वाम विचारधारा से दूर हैं. दिल्ली की दो प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी-जेएनयू और डीयू में हुए छात्र संघ चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा नेता रिजीजू ने यह टिप्पणी की.
रिजिजू ने ट्वीट किया, ''हां, क्योंकि ताजातरीन दिमाग वाले डीयू के छात्र एक दोषपूर्ण, बेकार और खारिज की जा चुकी विचारधारा से रोमांचित होने से दूर हैं.''
केंद्रीय मंत्री ने एक अखबार की हेडलाइन की तस्वीर भी साझा की, जिसमें कहा गया कि डीयू के छात्रों ने दक्षिणपंथी एबीवीपी, जो आरएसएस-भाजपा की छात्र शाखा है, को गले लगाया और जेएनयू के छात्रों ने वाम एकता (आइसा-एसएफआई गठबंधन) की जीत सुनिश्चित की .आइसा भाकपा (माले) जबकि एसएफआई माकपा का छात्र संगठन है.
डीयू में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर एबीवीपी को जीत मिली जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की. एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है. जेएनयू में चारों अहम पद वाम एकता के उम्मीदवारों ने जीते.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिजिजू ने कहा कि जेएनयू के उलट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को चुनने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में छात्र ''ताजातरीन दिमाग'' वाले हैं और ''बेकार'' हो चुकी वाम विचारधारा से दूर हैं. दिल्ली की दो प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी-जेएनयू और डीयू में हुए छात्र संघ चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा नेता रिजीजू ने यह टिप्पणी की.
रिजिजू ने ट्वीट किया, ''हां, क्योंकि ताजातरीन दिमाग वाले डीयू के छात्र एक दोषपूर्ण, बेकार और खारिज की जा चुकी विचारधारा से रोमांचित होने से दूर हैं.''
केंद्रीय मंत्री ने एक अखबार की हेडलाइन की तस्वीर भी साझा की, जिसमें कहा गया कि डीयू के छात्रों ने दक्षिणपंथी एबीवीपी, जो आरएसएस-भाजपा की छात्र शाखा है, को गले लगाया और जेएनयू के छात्रों ने वाम एकता (आइसा-एसएफआई गठबंधन) की जीत सुनिश्चित की .आइसा भाकपा (माले) जबकि एसएफआई माकपा का छात्र संगठन है.
डीयू में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर एबीवीपी को जीत मिली जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की. एनएसयूआई कांग्रेस की छात्र शाखा है. जेएनयू में चारों अहम पद वाम एकता के उम्मीदवारों ने जीते.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)