
केंद्रीय विद्यालयों में तीसरी भाषा के तौर पर जर्मन की जगह संस्कृत पढ़ाने के फैसले पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने सफाई दी है। ईरानी ने कहा है कि बिना पूरे मामले को समझे और लोगों को परेशान करने के लिए इस तरह की खबरें छापी जा रही हैं।
ईरानी के मुताबिक, जो भी फैसला लिया गया है वह देशहित में लिया गया है और वह आज दोपहर को मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगी।
खास बात यह है कि 18 दिन पहले केंद्रीय विद्यालयों के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने यह अहम बदलाव किया। इसका असर हजारों छात्रों पर पढ़ेगा जो कि जर्मन भाषा को मौजूदा शैक्षणिक सत्र में पढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन भाषा अभी तक तीसरी भाषा के तौर पर पढ़ाई जा रही थी। देश में 500 केंद्रीय विद्यालय हैं, जहां 70 हज़ार छात्र पढ़ते हैं।
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