
जनता दल यूनाइटेड के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि एनआरसी और एनपीआर को लेकर लोगों ने जो सवाल उठाए हैं उस पर गृह मंत्री को और स्पष्ट करने की आवश्यकता है. केसी त्यागी ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि जनता दल यूनाइटेड एनआरसी के विरुद्ध अपनी राय जाहिर कर चुकी है और नीतीश कुमार ने साफ-साफ इसका विरोध किया है. एनआरसी बिहार में लागू नहीं किया जाएगा. हमें लगता है कि धर्म और जाति के आधार पर अगर कोई नई जानकारियां हासिल करने के प्रयास होते हैं तो सरकार को मुस्तैदी से इसका जवाब देना चाहिए. हम एनआरसी के तहत एनपीआर के किसी कार्रवाई को उचित नहीं मानते. एनआरसी सिर्फ असम के लिए बनाई गई थी.
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गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) राज्य में लागू नहीं होगी. बता दें कि पटना में भारतीय सड़क कांग्रेस के 80वें वार्षिक अधिवेशन में मीडियाकर्मियों ने जब एनआरसी पर सवाल पूछा था तो नीतीश कुमार ने कहा था, “काहे का एनआरसी? बिलकुल लागू नहीं होगा.” इसके बाद इस विवादास्पद फैसले का विरोध करने वाले वह सत्तारूढ़ राजग के पहले प्रमुख सहयोगी बन गये थे, कई गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री पहले से ही इसका विरोध कर रहे हैं.
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हालांकि जदयू नेताओं के एनआरसी लागू करने के खिलाफ आवाज उठाने के बाद केंद्र सरकार ने भी इस व्यापक कवायद को लेकर आशंकाओं को खारिज करने का प्रयास किया है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि जिस किसी का जन्म भारत में एक जुलाई, 1987 से पहले हुआ हो या जिनके माता-पिता का जन्म उस तारीख से पहले हुआ हो, वे कानून के अनुसार भारत के वास्तविक नागरिक हैं और उन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम या संभावित एनआरसी से चिंता करने की जरूरत नहीं है.
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