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This Article is From May 06, 2018

कठुआ गैंगरेप: पीड़िता के परिवार ने कहा, हम नहीं चाहते मामले की हो CBI जांच

कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले ने पूरे देश को आंदोलित किया. इसको लेकर राजनीति भी जमकर हुई, लेकिन पीड़ित परिवार का दर्द समझने के लिए NDTV संवाददाता नजीर मसूदी पीड़िता के गांव पहुंचे.

कठुआ गैंगरेप: पीड़िता के परिवार ने कहा, हम नहीं चाहते मामले की हो CBI जांच
कठुआ रेप केस: पीड़िता के परिवार ने कहा कि वह क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हैं
  • पीड़िता के परिवार ने कहा कि वह इस मामले की सीबीआई जांच नहीं चाहते हैं
  • वह क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हैं.
  • पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी छूटे तो उनकी जान को ख़तरा हो सकता है
श्रीनगर: कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले ने पूरे देश को आंदोलित किया. इसको लेकर राजनीति भी जमकर हुई, लेकिन पीड़ित परिवार का दर्द समझने के लिए NDTV संवाददाता नजीर मसूदी पीड़िता के गांव पहुंचे और पीड़िता के परिवार ने कहा कि वह इस मामले की सीबीआई जांच नहीं चाहते हैं. वह क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हैं. 

कठुआ गैंग रेप : आरोपियों ने खुद को बताया बेगुनाह, मामला सीबीआई को सौंपने की मांग

पीड़ित परिवार का कहना है कि जब रिपोर्ट लिखाई तब आरोपी को नहीं पकड़ा गया और आरोपी छूटे तो उनकी जान को ख़तरा हो सकता है. परिवार का कहना है कि इंसाफ़ दो या मार डालो. परिवार का कहना है कि सांझी राम बेगुनाह नहीं है. उन्‍होंने कहा कि बहुत लोग उनके पास आए और कहा कि CBI जांच की मांग करो. इस मामले में दो मुख्य आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई को जांच सौंपने की मांग की थी ताकि उन्‍हें न्‍याय मिल सके. 

गौरतलब है कि जनवरी में आठ साल की एक बच्ची का शव कठुआ के रासना जंगल से मिला था. उससे गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. आरोपियों ने मुकदमे को चंडीगढ़ स्थानांतरित किए जाने की याचिका का भी विरोध किया.

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सांझी राम और विशाल जंगोत्रा ने दावा किया कि पुलिस एक निष्पक्ष और प्रभावी जांच करने में नाकाम रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच करने वाली विशेष जांच टीम ( एसआईटी ) में दागी अधिकारी शामिल थे. शीर्ष न्यायालय में दाखिल किए गए अपने हलफनामे में आरोपियों ने मृतका के पिता की उस याचिका का विरोध किया है जिसके तहत उन्होंने मुकदमे की सुनवाई कठुआ से चंडीगढ़ स्थानांतरित करने की मांग की है.

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उन्होंने दलील दी है कि मामले में 221 गवाह हैं और चंडीगढ़ जाकर अदालती कार्यवाही में शामिल होना उनके लिए मुश्किल होगा. गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने 27 अप्रैल को मुकदमे की सुनवाई पर सात मई तक के लिए रोक लगा दी थी. आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है. 

VIDEO: कठुआ के पीड़ित परिवार ने कहा, नहीं चाहते सीबीआई जांच

 
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