चेन्नई:
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की उस मांग का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम गठित करने की बात कही है।
हालांकि कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) ने इस सुझाव को खारिज कर दिया। ज्ञात हो कि आडवाणी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनके समक्ष यह मांग रखी थी।
करुणानिधि ने एक बयान जारी कर मंगलवार को कहा, "मैं भी पत्र के मसौदे से सहमत हूं। यह विचार किसी विपक्षी पार्टी की ओर से आया है, इसलिए इसे दरकिनार नहीं किया जा सकता है।"
आडवाणी ने शनिवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, निर्वाचन आयोग की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इससे आम लोगों में भरोसा नहीं होता।
आडवाणी ने सीईसी और सीएजी की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कॉलेजियम गठित करने की वकालत करते हुए कहा था कि इसमें देश के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय कानून मंत्री तथा संसद के दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं को शामिल करना चाहिए।
हालांकि कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) ने इस सुझाव को खारिज कर दिया। ज्ञात हो कि आडवाणी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनके समक्ष यह मांग रखी थी।
करुणानिधि ने एक बयान जारी कर मंगलवार को कहा, "मैं भी पत्र के मसौदे से सहमत हूं। यह विचार किसी विपक्षी पार्टी की ओर से आया है, इसलिए इसे दरकिनार नहीं किया जा सकता है।"
आडवाणी ने शनिवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, निर्वाचन आयोग की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इससे आम लोगों में भरोसा नहीं होता।
आडवाणी ने सीईसी और सीएजी की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कॉलेजियम गठित करने की वकालत करते हुए कहा था कि इसमें देश के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय कानून मंत्री तथा संसद के दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं को शामिल करना चाहिए।