
नई दिल्ली:
इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए एक प्रवेश परीक्षा के मसले पर मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने आज सख्ती से कहा कि यह फैसला लेते वक्त सभी को विश्वास में लिया गया था। सिब्बल ने कहा कि जब फैसला लिया गया तो आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी की काउंसिल की बैठक हुई थी और किसी ने विरोध नहीं जताया था।
सिब्बल ने कहा कि एक देश, एक प्रवेश परीक्षा का फैसला केंद्र से फंड होने वाली टेक्नीकल यूनिवर्सिटी पर लागू होता है और यह राज्यों पर निर्भर करता है कि वह इसमें शामिल हों या न हों।
वहीं आईआईटी कानपुर के फैकल्टी फोरम और एकेडमी सीनेट के सदस्यों ने ऐलान किया है कि अगर पैटर्न में बदलाव को वापस नहीं लिया गया तो हो सकता है कि अगले साल आईआईटी कानपुर अलग से प्रवेश परीक्षा करा सकता है। इस मामले में 8 जून को कानपुर आईआईटी में विशेष बैठक होने जा रही है।
सिब्बल ने कहा कि एक देश, एक प्रवेश परीक्षा का फैसला केंद्र से फंड होने वाली टेक्नीकल यूनिवर्सिटी पर लागू होता है और यह राज्यों पर निर्भर करता है कि वह इसमें शामिल हों या न हों।
वहीं आईआईटी कानपुर के फैकल्टी फोरम और एकेडमी सीनेट के सदस्यों ने ऐलान किया है कि अगर पैटर्न में बदलाव को वापस नहीं लिया गया तो हो सकता है कि अगले साल आईआईटी कानपुर अलग से प्रवेश परीक्षा करा सकता है। इस मामले में 8 जून को कानपुर आईआईटी में विशेष बैठक होने जा रही है।
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