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IITs में नहीं रुक रहे सुसाइड के मामले, पिछले 5 साल में 65 छात्रों ने दी जान; सबसे ज्यादा यहां

देश के अलग-अलग प्रतिष्ठित संस्थानों से भी स्टूडेंट के सुसाइड के मामले देखने को मिले हैं. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के डेटा के अनुसार भारत में 2023 में 13,000 से ज़्यादा स्टूडेंट सुसाइड रिकॉर्ड किए गए हैं.

IITs में नहीं रुक रहे सुसाइड के मामले,  पिछले 5 साल में 65 छात्रों ने दी जान; सबसे ज्यादा यहां
कुछ दिन पहले ही आईआईटी दिल्ली के फर्स्ट ईयर के छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी.

हाल ही के समय में देश के विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) से छात्रों की आत्महत्या के एक के बाद के कई मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला IIT दिल्ली का है. जहां फर्स्ट ईयर  के एक छात्र ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. ये मामला ​12 मार्च, 2026 की सुबह सामने आया है. इसी साल फरवरी में मुंबई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के 21 वर्षीय एक छात्र ने छात्रावास की छत से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. यह घटना मुंबई के पवई इलाके में स्थित संस्थान के छात्रावास में हुई थी. मृतक नमन अग्रवाल  था जो कि इंजीनियरिंग के दूसरे साल का छात्र था. 

5 साल, 65 आत्महत्या

अगर आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो ये काफी डराने वाले हैं. जनवरी 2021 से दिसंबर 2025 के बीच IITs में कम से कम 65 आत्महत्या के केस सामने आए हैं. ये आंकड़े ग्लोबल आईआईटी एलुमनी सपोर्ट ग्रुप (Global IIT Alumni Support Group) के हैं. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि पिछले दो सालों में 30 से ज़्यादा आत्महत्याओं के मामले IITs से सामने आए हैं. 

ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट के डेटा के मुताबिक, जनवरी 2021 से दिसंबर 2025 के बीच इंडियन इंस्टीट्यूट्स ऑफ़ टेक्नोलॉजी में कम से कम 65 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया था. इनमें से 30 मौतें सिर्फ पिछले दो सालों में दर्ज की गई है.

छात्राओं में आत्महत्या करने के क्या होते हैं कारण

कई ऐसी चीजें होती हैं, जिनकी वजह से छात्र आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं. आत्महत्या के लिए मजबूर करने का सबसे बड़ा कारण पढ़ाई के तनाव को माना जाता है. इसके अलावा जॉब इनसिक्योरिटी, फ़ैमिली इशू  और हैरेसमेंट के कारण भी कई बार छात्र आत्महत्या जैसा कदम उठा लेके है. 

देश के अलग-अलग प्रतिष्ठित संस्थान से भी स्टूडेंट के सुसाइड के मामले देखने को मिले हैं. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के डेटा के अनुसार भारत में 2023 में 13,000 से ज़्यादा स्टूडेंट सुसाइड रिकॉर्ड किए गए हैं. जो कि काफी चिंता का विषय है.

सबसे ज़्यादा किस IIT में हुई आत्महत्या

पिछले दो सालों के आंकड़ों के अनुसार, IIT कानपुर में सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं. दो सालों में लगभग 9 स्टूडेंट के सुसाइड मामले IIT कानपुर से सामने आए हैं. दूसरे नंबर पर आईआईटी खड़गपुर जहां से 7 स्टूडेंट के आत्महत्या के मामले सामने आए हैं. वहीं तीसरे पर IIT दिल्ली जहां दो सालों में 3 स्टूडेंट के सुसाइड मामले देखने को मिले हैं. वहीं अब ताजा मामला 12 मार्च, 2026 का है.

सरकार क्या उठा रही है कदम

आईआईटी समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक तनाव व स्वास्थ्य को लेकर संसद में भी कई चर्चा व प्रश्न पूछे गए हैं. बीते दिनों संसद में आईआईटी में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र भी किया गया था. बीते दिनों केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी कानपुर में एक छात्र की आत्महत्या की घटना का संज्ञान लिया था. आईआईटी कानपुर की घटना तथा तय दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए शिक्षा मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति गठित भी की थी. इस समिति को जुलाई 2023 में जारी रूपरेखा दिशानिर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करनी थी.

मंत्रालय ने जुलाई 2023 में हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स में छात्रों के इमोशनल एंड मेन्टल हेल्थ से जुड़ी रूपरेखा दिशानिर्देश जारी किए थे. इनका मकसद देशभर के हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स में सहयोगात्मक वातावरण का बनाना है. इन रूपरेखा दिशानिर्देशों में कई प्रमुख बातों पर बल दिया गया है. जो कि छात्रों के तनाव को कम करने से जुड़ी हुई है.

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