
कॉमेडियन कपिल शर्मा (फाइल फोटो)
मुंबई:
सोशल मीडिया पर बीएमसी के एक अफसर को कथित तौर पर घूस देने का शोर कॉमेडियन कपिल शर्मा पर ही भारी पड़ता जा रहा है. कपिल अब भी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं, वहीं एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मैंग्रोव काटे जाने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ शिकायत दी है. जबकि मामले में बीजेपी के विधायक राम कदम ने 24 घंटे के अंदर उन्हें घूस मांगने वाले अफसर का नाम सार्वजनिक करने को कहा है.
बीजेपी के विधायक राम कदम ने ही कपिल शर्मा के लिए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन शनिवार को उन्होंने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर कपिल ने घूस मांगने वाले अधिकारी का नाम नहीं बताया, तो उनके घर के बाहर वो धरने पर बैठ जाएंगे.
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के बाद राम कदम ने कपिल को संबोधित करते हुए कहा, 24 घंटे बीतने के बाद भी नाम नहीं दे रहे हैं, ये कौन सा दबाव है, जिसकी वजह से आप नाम नहीं बता रहे हो. वो नाम नहीं छिपा सकते, उन्हें नाम देना होगा. आने वाले 24 घंटे के भीतर अगर उन्होंने नाम नहीं दिया तो भारत का नागरिक होने के नाते मैं खुद धरने पर बैठ जाऊंगा.
कपिल अपने घर में कथित गैरकानूनी निर्माण से लेकर मैंग्रोव काटने के मुद्दे पर खुद घिरते दिख रहे हैं. विधायक के बाद इस मामले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मामला दर्ज करने की अर्जी वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दी है.
मामला कपिल शर्मा के ट्वीट से शुरू हुआ था, जिसमें मुंबई महानगरपालिका के एक अज्ञात अधिकारी पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके द्वारा दिखाया गया 'अच्छे दिन' का वादा था.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
बीजेपी के विधायक राम कदम ने ही कपिल शर्मा के लिए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन शनिवार को उन्होंने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर कपिल ने घूस मांगने वाले अधिकारी का नाम नहीं बताया, तो उनके घर के बाहर वो धरने पर बैठ जाएंगे.
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के बाद राम कदम ने कपिल को संबोधित करते हुए कहा, 24 घंटे बीतने के बाद भी नाम नहीं दे रहे हैं, ये कौन सा दबाव है, जिसकी वजह से आप नाम नहीं बता रहे हो. वो नाम नहीं छिपा सकते, उन्हें नाम देना होगा. आने वाले 24 घंटे के भीतर अगर उन्होंने नाम नहीं दिया तो भारत का नागरिक होने के नाते मैं खुद धरने पर बैठ जाऊंगा.
कपिल अपने घर में कथित गैरकानूनी निर्माण से लेकर मैंग्रोव काटने के मुद्दे पर खुद घिरते दिख रहे हैं. विधायक के बाद इस मामले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने मामला दर्ज करने की अर्जी वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दी है.
मामला कपिल शर्मा के ट्वीट से शुरू हुआ था, जिसमें मुंबई महानगरपालिका के एक अज्ञात अधिकारी पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके द्वारा दिखाया गया 'अच्छे दिन' का वादा था.
इसके बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक आरोप-प्रत्यारोप की लहरें उठने लगीं. सिर्फ कपिल खामोश रहे और स्टेज से गायब भी. सिर्फ एक और ट्वीट के जरिए इतना भर कहा कि मैंने कुछ लोगों के साथ भ्रष्टाचार के अपने अनुभवों को लेकर फिक्र जताई थी, कोई भी पार्टी हो चाहे बीजेपी, शिवसेना या एमएनएस उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया.
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