
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिट्टी चोखा खाने पर बिहार में राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के बाद अब सीपीआई नेता और जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि लिट्टी चोखा खा लेने से प्रधानमंत्री मोदी बिहारियों को धोखा नहीं दे सकते. कन्हैया ने पटना में शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह भी एक संयोग था जब पीएम मोदी दिल्ली में लिट्टी चोखा खा रहे थे तब पटना में दारोगा भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को पुलिस पीट रही थी.
कन्हैया से जब पूछा गया कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर बिहार की बदहाली की बात कर रहे हैं और तेजस्वी यादव 'बेरोजगारी हटाओ यात्रा' कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात हैं कि बिहार में अब लोग मुद्दों पर बात कर रहे हैं. हालांकि, कन्हैया ने कहा कि उनके पास प्रशांत किशोर के साथ काम करने का कोई प्रस्ताव नहीं आया हैं.
अपने ऊपर हमले की चर्चा करते हुए कन्हैया ने कहा कि राज्य के 38 में से जिन नौ जिलों में कुछ चंद लोगों ने हमला किया वहां देखिए जनता कितना अधिक संख्या में हमारी सभाओं में भाग लेने आई है. उन्होंने साफ़ किया कि नये नागरिक कानून के ख़िलाफ़ कहीं भी किसी सभा में पाकिस्तान ज़िंदाबाद का नारा लगता हैं तो वो उसका समर्थन नहीं करते हैं.
वीडियो: आमिर ने लिट्टी चोखा खाकर किया ‘पीके' का प्रचार
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