
अलगाववादी जेकेएलएफ ने आरोप लगाया कि उसके अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक और उनके परिवार वालों को उस वक्त दिल्ली में कई घंटे सड़कों पर गुजारने पड़े, जब उन्हें बुक कराए गए होटल से जबरन बाहर कर दिया गया।
जेकेएलएफ ने एक बयान में कहा कि यासीन मलिक और 18 महीने की बेटी सहित उनके परिजन रविवार को दिल्ली गए थे और निजामुद्दीन के करीब एक होटल में दो कमरे बुक कराए।
आरोप लगाया गया है कि उन्हें होटल प्रबंधन ने आधी रात को बाहर जाने को कह दिया। अपने दोस्त के घर में पनाह लेने से पहले पार्टी नेता और उनके परिजनों को कई घंटे तक सड़क किनारे इंतजार करना पड़ा।
जेकेएलएफ के मुताबिक, अगर वहां पर हमारी मौजूदगी से दिल्ली को निराशा होती है तो औपचारिक तौर पर एक कानून बना देना चाहिए, जिससे कि राष्ट्रीय राजधानी में कश्मीर की लोगों को रोका जा सके। बयान में कहा गया है, सिर्फ लोगों की विचारधारा के कारण उन्हें उनके परिजनों के साथ होटल से बाहर किया गया। इस तरह के कदमों को किसी भी स्तर पर वैध नहीं ठहराया जा सकता है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं