
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
आतंकी संगठन आईएस भारत में अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। नवभारत टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक, अब तक आईएस 30 हजार भारतीय हैकर्स से संपर्क साध चुका है और उन्हें मोटी तनख्वाह पर नौकरी का ऑफर दे रहा है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में हैकर्स के लिए यह अब तक का सबसे लुभावना ऑफर है। इन हैकरों से आईएस भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के डाटा उड़ाने से लेकर युवाओं को आईएस से जोड़ने का काम करवाना चाहता है।
साइबर एक्सपर्ट की मानें तो पिछले छह महीने में भारतीय हैकर्स के पास इस तरह के ऑफर की बाढ़ आ गई है। दरअसल, दुनियाभर के हैकर्स कई अंडरग्राउंड ऑनलाइन एजेंसियों के संपर्क में रहते हैं। जहां से उन्हें हैकिंग का काम मिलता है। आईएस के ताजा ऑफर्स इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से मिल रहे हैं।
चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ हैकरों ने आईएस के ऑफर को स्वीकार कर लिया है और ये स्काइप, व्हाट्स एप, साइलेंट सर्कल के माध्यम से सीरिया में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में रहते हैं। इसकी पुष्टि इस बात से भी हो रही है कि पिछले कुछ दिनों में भारत के खिलाफ आग उगलने वाले इंटरनेट कॉन्टेंट में काफी इजाफा हुआ है। ऐसा नहीं है कि भारत सरकार इसको लेकर सचेत नहीं है। पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में 90 से अधिक इस तरह की वेबसाइट पर पाबंदी लगाई गई है, जबकी इंटरनेट से भी कई आपत्तिजनक कन्टेंट हटाए गए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर आने वाले आपत्तिजनक कंटेंट पर नजर रखने के लिए सरकार एक स्पेशल सेल बनाने पर भी विचार कर रही है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में हैकर्स के लिए यह अब तक का सबसे लुभावना ऑफर है। इन हैकरों से आईएस भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के डाटा उड़ाने से लेकर युवाओं को आईएस से जोड़ने का काम करवाना चाहता है।
साइबर एक्सपर्ट की मानें तो पिछले छह महीने में भारतीय हैकर्स के पास इस तरह के ऑफर की बाढ़ आ गई है। दरअसल, दुनियाभर के हैकर्स कई अंडरग्राउंड ऑनलाइन एजेंसियों के संपर्क में रहते हैं। जहां से उन्हें हैकिंग का काम मिलता है। आईएस के ताजा ऑफर्स इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से मिल रहे हैं।
चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ हैकरों ने आईएस के ऑफर को स्वीकार कर लिया है और ये स्काइप, व्हाट्स एप, साइलेंट सर्कल के माध्यम से सीरिया में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में रहते हैं। इसकी पुष्टि इस बात से भी हो रही है कि पिछले कुछ दिनों में भारत के खिलाफ आग उगलने वाले इंटरनेट कॉन्टेंट में काफी इजाफा हुआ है। ऐसा नहीं है कि भारत सरकार इसको लेकर सचेत नहीं है। पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में 90 से अधिक इस तरह की वेबसाइट पर पाबंदी लगाई गई है, जबकी इंटरनेट से भी कई आपत्तिजनक कन्टेंट हटाए गए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर आने वाले आपत्तिजनक कंटेंट पर नजर रखने के लिए सरकार एक स्पेशल सेल बनाने पर भी विचार कर रही है।
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