देश की अर्थव्यवस्था कोरोना काल की कठनाइयों से उबर चुकी है: बीजेपी प्रवक्ता गोपाल अग्रवाल

बीजेपी प्रवक्ता गोपाल अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी घटाई लेकिन अभी तक 9 राज्यों ने वैट कम नहीं किया है.

देश की अर्थव्यवस्था कोरोना काल की कठनाइयों से उबर चुकी है: बीजेपी प्रवक्ता गोपाल अग्रवाल

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि इस वित्त वर्ष में देश कम से कम 10 फीसदी की बढ़ोतरी हासिल करने में सफल रहेगा.

नई दिल्ली:

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल अग्रवाल (Gopal Agarwal) ने गुरुवार को कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Price) के दाम कम नहीं करने पर विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा. दरअसल, बीजेपी मुख्यालय (BJP Headquarters) में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करने हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी घटाई लेकिन अभी तक 9 राज्यों ने वैट कम नहीं किया है. अर्थव्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मानक इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि अब देश की अर्थव्यवस्था कोरोना काल की कठिनाइयों से उबर चुकी है. इस वित्त वर्ष में देश डबल डिजिट यानी कम से कम 10 फीसदी की बढ़ोतरी हासिल करने में सफल रहेगा.

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उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बाद ग्लोबल इकोनॉमी में महंगाई का बहुत ज्यादा अंदेशा लगाया जा रहा है. ऑइल और कमोडिटी प्राइज काफी बढ़ें हैं. ये Inflationary Pressure यूएस और युरोपिन देशों में भी सामने आ रहे हैं. कोरोना काल से पहले से इन देशों ने जो पॉलिसी फोलो की उसकी वजह से ये हुआ है. मोदी सरकार ने ग्लोबल ऑइल के घटते दामों के दौरान सरकार न टैक्स कलेक्शन के जरिए रिसोर्ज एकत्रित किया और इसे घाटे से जूझ रहे सेक्टरों को मजबूती देने के लिए इस्तेमाल किया. इसी नीति के चलते ही सरकार को कोरोना काल में भी फंड के लिए बाहर से दबाव नहीं झेलना पड़ा. 

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उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी की सरकारों ने मांग की थी कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के दामों को कम करने की पहल करे, इसके बाद वह कदम उठाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. केंद्र ने लोगों को राहत देते हुए टैक्स में कटौती की है, पर अभी तक भी 9 राज्यों ने वैट कम नहीं किया है. इनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल है. राजस्थान ने काफी दबाव के बाद कुछ राहत दी है.

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