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This Article is From Oct 08, 2021

चीनी सैनिकों ने की अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण की कोशिश, भारतीय जवानों ने खदेड़ा : सूत्र

सूत्रों ने बताया कि भारतीय जवानों ने चीन के सैनिकों को अस्‍थायी रूप से पकड़ भी लिया था. स्‍थानीय सैन्‍य कमांडर स्‍तर की बातचीत के बाद मामले का समाधान और चीन सैनिकों को छोड़ दिया गया.

चीन के अतिक्रमण की कोशिश को भारत ने किया नाकाम (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली:

चीन के सैनिकों ने पिछले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण (Chinese intrusion) करने की कोशिश की. भारत के जांबाज जवानों (Indian Army) ने चीन की नापाक कोशिश को नाकाम करते हुए उन्हें खदेड़ दिया. यह घटना बुमला और यांग्त्से दर्रे के बीच हुई. तवांग में घुसपैठ कर भारतीय सीमा पर बने खाली बंकरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. सूत्रों के मुताबिक, कई सैनिक भारतीय सीमा के अंदर घुसे थे, जिन्हें भारतीय सैनिकों ने खदेड़ दिया. भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. 

सूत्रों ने बताया कि भारतीय जवानों ने चीन के सैनिकों को अस्‍थायी रूप से पकड़ भी लिया था. स्‍थानीय सैन्‍य कमांडर स्‍तर की बातचीत के बाद और मामले का समाधान निकलने के बाद चीन सैनिकों को छोड़ दिया गया. भारतीय सेना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. सेना मामले को तवज्जो देने के मूड में नहीं हैं. सेना के सूत्रों ने बताया कि इस घटना में दोनों देशों के गश्ती दल आपस में टकराये थे. 

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के करीब 100 सैनिक 30 अगस्त को उत्तराखंड के बाराहोटी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार कर आ गए थे. घटना की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया था कि चीनी सैनिक कुछ घंटे बिताने के बाद इलाके से लौटे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कल कहा कि भारत स्पष्ट कर चुका है कि चीन के एकतरफा और उकसावे वाले बर्ताव के चलते पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर शांति गंभीर रुप से भंग हुई है. भारत ने उम्मीद जताई है कि चीन द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर शेष मुद्दों को जल्दी हल करने की दिशा में काम करेगा.

बता दें कि पिछले साल मई में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के बाद सीमा गतिरोध शुरू हुआ था. इसके बाद दोनों ओर से सीमा पर सैनिकों एवं भारी मात्रा में हथियारों की तैनाती की गई थी. गतिरोध को दूर करने लेकर दोनों देशों के बीच राजनयिक एवं सैन्य स्तर पर कई वार्ताएं भी हो चुकी हैं. कुछ जगहों से भारत और चीन की सेना पीछे हट चुकी हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर अभी गतिरोध बरकरार है.

वीडियो: अगस्त में उत्तराखंड में घुसे 100 चीनी सैनिक: रिपोर्ट

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