तुगलक की तरह राजधानी शिफ्ट न करना हो तो यह मौका फिर नहीं मिलेगा : सुप्रीम कोर्ट

सीलिंग मामला : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाना होगा

तुगलक की तरह राजधानी शिफ्ट न करना हो तो यह मौका फिर नहीं मिलेगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट.

खास बातें

  • कोर्ट ने कहा, मुद्दे को न राजनीतिक बनाएं, न व्यावसायिक तरीके से देखें
  • उपहार और कमला मिल में क्या हुआ ये सबको पता है
  • आने वाली जेनरेशन का भविष्य ध्यान में रखना जरूरी
नई दिल्ली:

दिल्ली में सीलिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि आपको दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाना होगा. सरकार मुद्दे को राजनीतिक न बनाए, व्यावसायिक तरीके से न देखे. अगर कोई निर्माण अवैध है तो तुरंत गिराएं, वैध है तो सरंक्षण दें.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि आपको दोबारा मौका नहीं मिलेगा, बशर्ते आप मोहम्मद बिन तुगलक की तरह राजधानी शिफ्ट करना चाहते हों. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजधानी में फायर सेफ्टी नियम बहुत जरूरी, उपहार और कमला मिल में क्या हुआ ये सबको पता है.

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राजधानी में गिरते जल स्तर पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने कहा कि रेस्तरां में पानी की कितनी बर्बादी होती है सबको पता है. लगातार जल स्तर गिर रहा है. आपका मकसद लाभ कमाना नहीं होना चाहिए. आने वाली जेनरेशन का भविष्य ध्यान में रखना जरूरी.

VIDEO : सीलिंग के मुद्दे पर केंद्र को कोर्ट की फटकार

वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि सबकी मीटिंग हुई है. मॉनीटरिंग कमेटी, डीडीए, निगम और दिल्ली सरकार के बीच मीटिंग हुई. सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है. पब्लिक रोड, फुटपाथ, जमीन से अवैध कब्जे तुरंत हटाए जाएंगे. कोर्ट ने इस पर सहमति जताई. अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी.


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