
पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल तस्वीर
नई दिल्ली:
बजट सत्र का दूसरा हिस्सा आज से शुरू हो रहा है। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण विधेयक को राज्यसभा से पारित कराना है जिसकी बैठक 23 अप्रैल से शुरू होगी।
सूत्रों के मुताबिक सरकार कुछ और संशोधन कर सकती है। इनमें -
- सहमति (कंसेंट) के प्रावधान को वापस लाया जा सकता है। हालांकि इसे 70-80 फीसदी से घटाकर 50-60 फीसदी किया जा सकता है।
- भूमि अधिग्रहण पर नजर रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए सांसदों-विधायकों की समितियां बनाने का प्रस्ताव हो सकता है।
- नगरीय निकायों की सीमाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है ताकि शहरी इलाकों से सटे किसानों को ज्यादा मुआवजा मिल सके।
सूत्रों के मुताबिक सरकार कुछ और संशोधन कर सकती है। इनमें -
- सहमति (कंसेंट) के प्रावधान को वापस लाया जा सकता है। हालांकि इसे 70-80 फीसदी से घटाकर 50-60 फीसदी किया जा सकता है।
- भूमि अधिग्रहण पर नजर रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए सांसदों-विधायकों की समितियां बनाने का प्रस्ताव हो सकता है।
- नगरीय निकायों की सीमाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है ताकि शहरी इलाकों से सटे किसानों को ज्यादा मुआवजा मिल सके।
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