सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा ट्रिब्यूनल सुधार एक्ट (Tribunal Reforms Act) और नियुक्तियों को लेकर कड़ी नाराजगी जताने के पांच दिन बाद केंद्र ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) और आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) में न्यायिक और तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर को केंद्र द्वारा ट्रिब्यूनल के सदस्यों को नियुक्त नहीं करने के तरीके पर असंतोष व्यक्त किया था और उसे फटकार लगाई थी.
ट्रिब्यूनल सुधार एक्ट और ट्रिब्यूनल में चेयरमैन एवं सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने पर चीफ जस्टिस एन वी रमना की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप (केंद्र सरकार) हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं. हमें लगता है कि केंद्र को इस अदालत के फैसलों का कोई सम्मान नहीं है."शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को ट्रिब्यूनल में नियुक्तियों के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी थी.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
केंद्र ने शनिवार को NCLT और ITAT में न्यायिक और तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी. सरकार ने एनसीएलटी में 18 सदस्यों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें आठ न्यायिक सदस्य और 10 तकनीकी सदस्य शामिल हैं.
आठ न्यायिक सदस्यों में जस्टिस तेलप्रोलू रजनी (जज, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट), जस्टिस प्रदीप नरहरि देशमुख (बॉम्बे उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश), जस्टिस एस रामाथिलगम (पूर्व जज, मद्रास उच्च न्यायालय), धरमिंदर सिंह (पीठ अधिकारी, डीआरटी -3 दिल्ली), हरनाम सिंह ठाकुर (सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार जनरल, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय), पी मोहन राज (रिटायर जिला जज, सलेम, तमिलनाडु), रोहित कपूर (अधिवक्ता) और दीप चंद्र जोशी (जिला जज) शामिल हैं.
केंद्र ने कहा है कि ये नियुक्तियां पांच साल की अवधि के लिए या जब तक ये सदस्य 65 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेते, जो भी पहले हो, तब तक के लिए की गई हैं. केंद्र ने आइटीएटी में भी सदस्यों की नियुक्ति की है. इनमें छह न्यायिक सदस्य और सात लेखाकार सदस्य हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं