सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को एक मौका देने पर विचार करे सरकार : सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने कहा, वो UPSC के सभी उम्मीदवारों को एक और मौका देने के लिए कह रहे हैं. क्या इस मुद्दे पर कठोर होने की आवश्यकता है? महामारी की स्थिति असाधारण थी, लिहाजा सरकार एक अवसर देने पर विचार करे.

सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को एक मौका देने पर विचार करे सरकार : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा ( UPSC Civil Services Exam) के लिए अंतिम प्रयास वाले प्रत्याशियों को अतिरिक्त मौका देने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार से कहा कि वो यूपीएससी परीक्षा में आयु सीमा पार कर चुके उम्मीदवारों को भी एक मौका देने पर विचार करे

कोर्ट ने कहा, वो यूपीएससी ( UPSC) के सभी उम्मीदवारों को एक और मौका देने के लिए कह रहे हैं. क्या इस मुद्दे पर कठोर होने की आवश्यकता है? सुप्रीम कोर्ट  (Supreme Court) ने कहा कि महामारी की स्थिति असाधारण थी और इनमें से कुछ उम्मीदवार आवश्यक सेवाओं में सेवारत थे. कुछ वास्तविक मामले भी हैं. ऐसे में याचिकाकर्ता हर वर्ग के लिए एक बार की छूट मांग रहे हैं. केंद्र को इस पर विचार करना चाहिए क्योंकि इस बार हालात असाधारण रहे. अदालत इस नीतिगत मामले में सरकार को आदेश नहीं देना चाहती. अदालत ने केंद्र सरकार से मंगलवार को इसके बारे में बताने को कहा.

केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस वी राजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर कठोर नहीं है. इस मामले पर विचार किया गया था. लेकिन जो लोग आयु सीमा पार कर चुके हैं, उनको एक मौका देना संभव नहीं है. ये नीतिगत मामला है और इस पर विवेक का इस्तेमाल किया गया है. अदालत चाहती है तो ये आदेश जारी कर सकती है. हालांकि उन्होंने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के सुझाव को प्राधिकरण के सामने रखेंगे.सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा. सुनवाई के दौरान सरकार बताएगी कि क्या वो आयु पर क्या छूट देने को तैयार है.


सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) में सामान्य वर्ग के लिएअधिकतम  आयु 32 साल, ओबीसी के लिए 35 और एससी/ एसटी के लिए ये आयु 37 साल है. लेकिन इससे पहले भी आयु सीमा पर फैसले बदले गए थे. ऐसे में आयु सीमा पार होने पर एक बार के लिए उम्मीदवारों को छूट देनी चाहिए. 1992 में अतिरिक्त मौका दिया गया जबकि 2015 में आयु पर छूट दी गई. अगर आयु में छूट नहीं दी गई तो एससी/ एसटी उम्मीदवारों को नुक्सान होगा. सिर्फ 2236 उम्मीदवारों को फायदा होगा अगर आयु में छूट दी जाती है.

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पिछली सुनवाई में यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त मौका देने के लिए केंद्र सरकार तैयार हो गई केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बाद एक बार के लिए सशर्त छूट देने को तैयार हुई थी. केंद्र ने कहा है कि जो अभ्यार्थी 2020 अक्टूबर की सिविल सर्विस परीक्षा में बैठे थे और उनका ये आखिरी मौका था  तो सिर्फ उनको एक मौका 2021 की परीक्षा के लिए मिलेगा. जिनकी उम्र तय सीमा से ज्यादा हो गई है, उनको मौका नहीं मिलेगा.