Mumbai:
लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के उपनेता गोपीनाथ मुंडे ने कांग्रेस में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि वह भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से मिलने के बाद संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए मुंडे ने कहा, "मैं पार्टी में हूं और पार्टी में ही रहूंगा। सुषमा जी से बात हो गई है और अब अन्य नेताओं से मिलूंगा।" कांग्रेस में शामिल होने और इस सिलसिले में मंगलवार रात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से मुलाकात करने की अटकलों को खारिज करते हुए मुंडे ने स्पष्ट किया, "मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी अहमद पटेल से मुलाकात नहीं की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से भी मेरी कोई बात नहीं हुई।" मुंडे ने यह तो कहा कि उनके मन में पीड़ा है, लेकिन उसका खुलासा करने से उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मेरे मन में पीड़ा है। मैं यह बात अपनी पार्टी के नेताओं के समक्ष रख रहा हूं। इसका समाधान करना उनका काम है। बातचीत जारी है। रही बात पीड़ा जाहिर करने की तो वह मीडिया के सामने न करके मैं उपयुक्त स्थान पर करूंगा।" इस अवसर पर मौजूद सुषमा ने कहा, "उनके मन में जो पीड़ा है, उसे बताने वह मेरे पास आए थे। उनकी पीड़ा का समाधन करना नेतृत्व का काम है। मुंडेजी को सबसे ज्यादा दुख इस बात का पहुंचा है कि उनके बारे में इस प्रकार की खबरें चलाई जा रही हैं कि वह कांग्रेस में जा रहे हैं। उन्होंने खुद स्पष्ट कर दिया कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ तौर पर कहा कि अहमद पटेल से कभी उनकी मुलाकात नहीं हुई।" सुषमा ने कहा कि उन्होंने (मुंडे) जो भी मुद्दे उठाए हैं और जिनकी वजह से उन्हें पीड़ा पहुंची है, उसका समाधन नेतृत्व को करना है। उल्लेखनीय है कि मुंडे महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को नजरअंदाज किए जाने से नाराज चले रहे हैं। नितिन गडकरी के भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद से प्रदेश की राजनीति में भी उनका प्रभाव कम हुआ है और नेतृत्व द्वारा लिए गए कुछ फैसलों में मुंडे की सलाह को नजरअंदाज किया गया।
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