भगवान ने हमारी प्रार्थना सुनी, सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद :  दाखिले के आदेश पर NDTV से बोले प्रिंस

सुप्रीम कोर्ट ने IIT से 48 घंटे के भीतर एक सीट आवंटित करने को कहा है. इससे पहले क्रेडिट कार्ड में गड़बड़ी के कारण फीस नहीं भर पाने पर सीट नहीं मिली थी.

भगवान ने हमारी प्रार्थना सुनी, सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद :  दाखिले के आदेश पर NDTV से बोले प्रिंस

प्रिंस ने इस साल ऑल इंडिया रैंक 25,894 और एससी कैटेगरी रैंक 864 हासिल की

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का IIT बॉम्बे में दाखिले के आदेश देने पर दलित छात्र (Dalit Student) ने कहा है कि भगवान ने हमारी प्रार्थना सुनी है. मैं बहुत खुश हूं, सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद. इस आदेश के बाद 17 साल के प्रिंस जयबीर सिंह और उनके परिवार के पास अपनी खुशी जाहिर करने के लिए शब्द नहीं हैं. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने IIT से 48 घंटे के भीतर एक सीट आवंटित करने को कहा है. इससे पहले क्रेडिट कार्ड में गड़बड़ी के कारण फीस नहीं भर पाने पर सीट नहीं मिली थी. प्रिंस वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ गाजियाबाद में रहते हैं और 5 भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं. उनकी तीन बड़ी बहनें और एक भाई है. उनके पिता दिल्ली पुलिस में निचले स्तर के कर्मचारी हैं. 

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रिंस ने एनडीटीवी से कहा, "भगवान ने हमारी प्रार्थना सुनी. मैं बहुत खुश हूं. पिछले कुछ दिन हमारे लिए बहुत कठिन रहे हैं. शुरुआत में 15,000 रुपये की फीस के लिए धन इकट्ठा करने में कुछ कठिनाई हुई. लेकिन मेरी बहन ने हमारी मदद की. फिर मैंने फीस का भुगतान करने की कोशिश की लेकिन 10-12 प्रयासों के बावजूद तकनीकी गड़बड़ियां थीं. मैं IIT खड़गपुर (जो सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित कर रहा था) तक गया ताकि मैं फीस का भुगतान कर सकूं. लेकिन यहां तक ​​कि बात भी नहीं बनी. हमने तब बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन वहां भी हमें कोई राहत नहीं मिली. 

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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हमारी आखिरी उम्मीद थी. मैं आज बहुत चिंतित था." प्रिंस ने इस साल ऑल इंडिया रैंक 25,894 और एससी कैटेगरी रैंक 864 हासिल की. IIT में यह उनका लगातार दूसरा प्रयास था. पिछले साल में सफल नहीं होने के बाद उन्होंने इलाहाबाद के एक इंजीनियरिंग संस्थान में प्रवेश प्राप्त किया, लेकिन बीटेक के प्रथम वर्ष की पढ़ाई के दौरान भी IIT प्रवेश परीक्षा की तैयारी जारी रखी. प्रिंस अपने परिवार से IIT में प्रवेश लेने वाले पहले व्यक्ति होंगे. उनका एक दूर का चचेरा भाई है जो IIT पटना में पढ़ता है. 


प्रिंस ने कहा कि IIT हमेशा से मेरा सपना रहा है. जीवन में मेरा उद्देश्य रक्षा प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञता विकसित करना है. मैं भारत के रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना चाहता हूं ताकि हमें विभिन्न अग्रिम लड़ाकू जेट और अन्य सैन्य उपकरणों के आयात के लिए अन्य देशों पर निर्भर न रहना पड़े.

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