शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी पर लखनऊ में हमला, आक्रोशित भीड़ ने घेरा

वसीम रिज़वी क़ुरआन के बारे में अपने बयानों की वजह से काफी लोंगों के निशाने पर हैं. उन्होंने कुछ वक्त पहले सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा था कि कोर्ट क़ुरआन की 26 आयतों को क़ुरआन से निकलवा दे क्योंकि उनमें आतंकवाद की शिक्षा दी गयी है.

शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी पर लखनऊ में हमला, आक्रोशित भीड़ ने घेरा

Waseem Rizvi ने कुरान से 26 आयतें हटाने की याचिका दाखिल की थी, इससे नाराज है मुस्लिम समुदाय

लखनऊ:

शिया वक़्फ़ बोर्ड के विवादित पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी पर सोमवार को पुराने लखनऊ में हमला (Former Shia Waqf Board Chairman Waseem Rizvi attacked in Lucknow)हो गया, जिसमें उनकी गाड़ी टूट गयी, लेकिन वह बाल बाल बच गए. यह आरोप वसीम रिज़वी ने खुद लगाया है. उनका कहना है कि वह शाम करीब साढ़े पांच बजे किसी काम से जा रहे थे. जब वह चौक मंडी से गुजरे तो उन्होंने देखा कि वहां भीड़ खड़ी है. पुराने लखनऊ में उन पर एक भीड़ ने हमला कर दिया. इसमें उनकी गाड़ी के आगे-पीछे के शीशे टूट गए, लेकिन वह बाल-बाल बच गए. वसीम रिज़वी का कहना है कि उन्होंने इसकी लिखित शिकायत चौक कोतवाली में कर दी है.

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वसीम रिज़वी क़ुरआन के बारे में अपने बयानों की वजह से काफी लोंगों के निशाने पर हैं. उन्होंने कुछ वक्त पहले सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा था कि कोर्ट क़ुरआन की 26 आयतों को क़ुरआन से निकलवा दे क्योंकि उनमें आतंकवाद की शिक्षा दी गयी है. सुप्रीम कोर्ट ने वसीम की याचिका खारिज कर के उनके ऊपर फाइन लगा दिया था. वसीम रिज़वी ये दावा करते रहे हैं कि खुदा की क़ुरआन में सुन्नी मुसलमानों के माने जाने वाले तीन खलीफाओं का हाथ है.

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बाद में वसीम रिज़वी ने क़ुरआन में से 26 आयतें निकाल कर और क़ुरआन की आयतों का क्रम बदल कर एक नया क़ुरआन बना कर छपवा दिया है.वसीम रिज़वी इसके पहले मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बता कर उन्हें बंद करने की मांग करते रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि अगर अयोध्या में राम लला का मंदिर नहीं बनेगा तो वह वहां जा कर आत्महत्या कर लेंगे.

वसीम की इन बातों से मुसलमानों के एक तबके में उनसे नाराज़गी है. तमाम मुसलमानों का यह मानना है कि वह यह सब मुसलमानों को दूसरे मज़हब के लोगों की नज़रों में क़ाबिले नफरत बनाने के लिए करते हैं. ताकि इसके नतीजे में होने वाले पोलराइज़ेशन से उनके राजनीतिक गुरुओं को सियासी फायदा हो सके.

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