
पश्चिम दिल्ली के मोती नगर इलाके में बहस के बाद दो किशोरों समेत तीन लोगों ने कथित तौर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल को कार से कुचलकर मार डाला।
यह घटना शनिवार शाम साढ़े सात बजे के करीब हुई जब 26 वर्षीय मुख्य आरोपी रमनकांत को जखीरा फ्लाईओवर पर 24 वर्षीय कांस्टेबल माना राम ने रोका। गाड़ी रमनकांत चला रहा था और उसके साथ उसके दो नाबालिग मित्र थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक यातायात का मार्ग बदला गया था और माना राम ने कार को रोका था क्योंकि यह उल्लंघन कर रहा था। कार में सवार लोगों और कांस्टेबल के बीच बहस हुई जिसके बाद रमनकांत ने कार पीछे की और माना राम पर कार चढ़ा दी। उसने उसे तकरीबन 150 मीटर तक खींचा।' माना राम को पंजाबी बाग इलाके में एमएएस अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
तीनों घटनास्थल से फरार हो गए थे, लेकिन बाद में उन्हें पकड़ लिया गया। घटना में शामिल वाहन को भी जब्त कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है और रमनकांत को गिरफ्तार किया गया है जबकि उसके दो नाबालिग मित्रों को एक किशोर सुधार गृह में भेजा गया है।
कांस्टेबल माना राम राजस्थान में नागौर के रहने वाले थे और साल 2010 में बल में शामिल हुए थे। यातायात पुलिस लाइन, टोडापुर में मृत कांस्टेबल को पुलिस सम्मान आज दिया गया, जिसमें दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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