
दो पूर्व शीर्ष सरकारी अधिकारी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को 'स्वराज' का वादा पूरा करने और लोगों के लिए भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन की निगरानी करने में मदद करेंगे। इसके एवज में वे एक रुपये प्रतिमाह मानद वेतन लेंगे।
इन अधिकारियों में एक नौकरशाह रहे हैं, तो दूसरे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रह चुके हैं। राज्य में ग्राम स्तर पर नीति निर्धारण में मददगार रहने वाले 'ग्राम स्वराज' के विचार को सफलतापूर्वक लागू करने के पीछे काम करने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एससी बेहर दिल्ली में स्वराज लाने के लिए विधान का मसौदा एक रुपये वेतन पर तैयार करेंगे।
दिल्ली पुलिस के पूर्व संयुक्त आयुक्त एन. दिलीप कुमार रिश्वत लेने वालों को पकड़ने के लिए 'आप' सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन की निगरानी करेंगे। वह भी एक रुपये प्रतिमाह 'प्रतीकात्मक राशि' वेतन लेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, दोनों (बेहर और कुमार) को दिल्ली सरकार के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्हें एक रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बेहर को स्वराज का मसौदा तैयार करने जैसे जटिल काम करने के लिए चुना है। 'मोहल्ला सभा' के जरिये नीति निर्धारण में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना इस कदम का लक्ष्य है। मध्य प्रदेश में 'ग्राम स्वराज' के विचार को विदेशी विश्वविद्यालय के विद्वानों सहित कई लोगों ने सराहना की है। इस कदम के जरिये नीति निर्माण में ग्राम पंचायतों को आधिकारिक बनाया गया है।
बेहर ने कहा, दिल्ली में स्वराज लागू करना एक चुनौतीपूर्ण काम है, क्योंकि यह मध्य प्रदेश के ग्राम स्वराज से पूरी तरह भिन्न है। मध्य प्रदेश ग्रामीण समाज वाला है और दिल्ली एक शहरी राज्य है।
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