कृषि कानून (Farm Laws) के विरोध में दिल्ली कूच करने वाले आंदोलनरत किसानों (Farmers Protest) को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ईश सिंघल ने कहा कि किसान नेताओं से बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस ने किसानों को बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की परमिशन दे दी गई है. साथ ही उन्होंने सभी किसानों से शांति बनाये रखने की अपील की है. परमिशन मिलने के बाद किसान अब बुराड़ी अपने ट्रेक्टर और गाड़ियों से जा रहे हैं. किसानों से कहा गया है कि वे दिल्ली आ सकते हैं. इसके बाद भी किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं.
दिल्ली पुलिस की ओर से प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद दिल्ली हरिद्वार राजमार्ग खोल दिया गया है. किसानों का चक्काजाम खत्म हो गया है. शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल के किसान दिल्ली के लिए रवाना होंगे. आज रात किसान मेरठ में रुकेंगे.

इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने बताया था कि सभी आंदोलनकारी किसान नेताओं से दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की बातचीत चल रही है. यह बातचीत बुराड़ी इलाके में खाली ग्राउंड पर आंदोलनकारी किसानों को शिफ्ट करने को लेकर थी. बातचीत के बाद आगे की योजना तय होगी.
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किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को देखते हुए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई. कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की भी खबरें आईं. किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें की गईं. टैक्टर में खाने पीने और अन्य जरूरी सामान लेकर चल रहे किसानों ने कई जगहों से दिल्ली में प्रवेश की कोशिश की थी.
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इस बीच, दिल्ली सरकार ने राज्य के 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने की दिल्ली पुलिस की अर्जी को नामंजूर कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली सरकार से 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में तब्दील करने के लिए अनुरोध किया था. आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने दिल्ली पुलिस की इस मांग पर आपत्ति भी जताई.
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