
मनी लॉन्डरिंग केस में ईडी ने आईएलएंडएफएस (इंफ्रास्ट्रक्चर लिजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक ईडी ने आईएलएंडएफएस के पूर्व ज्वाइंट मैनेडिंग डायरेक्टर अरुण के साहा और आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर के रामचंद को गिरफ्तार किया है. आपको बता दें कि पिछले महीने बही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपये के आईएल एंड एफएस ऋण भुगतान चूक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई में तलाशी ली थी. अधिकारियों ने कहा कि आईएल एंड एफएस के कम-से-कम चार निदेशकों के बांद्रा, खार, नरीमन प्वाइंट और गोरेगांव स्थित कार्यालय और घरों की तलाशी ली गयी. उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ दस्तावेज बरामद किये गए.
90,000 करोड़ की डिफॉल्टर IL&FS कंपनी डूबी तो आप भी डूबेंगे...
इससे पहले, केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में फरवरी में तलाशी की कार्रवाई की थी. एजेंसी ने इस प्रकरण में मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज होने के बाद यह कदम उठाया था. प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने कहा कि यह तलाशी अभी तक प्राप्त सबूतों के अतिरिक्त अन्य साक्ष्य और दस्तावेज जुटाने के लिए की गई थी. बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए ऋण देने वाली कंपनी का कर्ज संकट उस समय सामने आया जब उसके समूह की कंपनियों ने सितंबर 2018 से ऋण भुगतान में चूक करना शुरू किया. आईएल एंड एफएस पर कुल 91,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बकाया है. आईएल एंड एफएस और उसकी अनुषंगी कंपनियों ने सिडबी को कर्ज का भुगतान करने में चूक की है. ईडी का मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा (ईओडब्ल्यू) के पास पिछले साल दिसंबर में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है.
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