हमें कमतर न आंकें : बंगाल में BJP का सूपड़ा साफ करने के बाद TMC की नाम लिए बिना कांग्रेस को 'नसीहत'

टीएमसी ने भाजपा से उसकी दोनों दिनहाटा सीट और शांतिपुर सीटें भी छीन लीं. इसके अलावा खारडाह और गोसाबा विधानसभा सीटों पर भी कब्जा भारी मतों के अंतर से बरकरार रखा.

नई दिल्ली:

बंगाल में ममता बनर्जी नीत टीएमसी ने विधानसभा उपचुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वियों को रिकॉर्ड अंतर से हराते हुए राज्य की सभी चार सीटें अपनी झोली में डाल लीं. टीएमसी ने भाजपा से उसकी दोनों दिनहाटा सीट और शांतिपुर सीटें भी छीन लीं. इसके अलावा उत्तरी 24 परगना और दक्षिणी 24 परगना जिलों में खारडाह और गोसाबा विधानसभा सीटों पर भी कब्जा भारी मतों के अंतर से बरकरार रखा. उपचुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी काफी जोश में दिखी.

टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन नतीजों के बाद बिना नाम लिए हुए कांग्रेस को नसीहत देते हुए दिखे. इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें देश की इकॉनमी, रोजगार, महंगाई जैसे मुद्दों को उठाना चाहिए. 

एनडीटीवी से खास बातचीत में डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'अब नज़रिया बदलना होगा. विपक्ष में हम सब बराबर के भागीदार हैं. हमें कमतर आंकने की बजाय इस पर एक साथ काम करते हैं. लड़ने की ज़रूरत नहीं है. हमारा एकमात्र लक्ष्य BJP को हराना है.'

उपचुनाव नतीजे BJP के 2 मुख्यमंत्रियों के लिए झटका, क्या हो सकती है उनकी 'विदाई'

विपक्षी एकता को लेकर उन्होंने कहा, 'यह नहीं सोचना चाहिए कि हम 22-23 साल पुराने हैं, दूसरा 100 साल पुराना है. दादा-दादी 22 साल की ऊर्जावान पार्टी को नहीं बता सकते, कि (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी और (अमित) शाह से मुकाबला करने के लिए तैयार रहें. हम युवा और ऊर्जावान हैं. हमारे पास भाजपा से मुकाबला करने का जोश और ऊर्जा है. ममता बनर्जी की तृणमूल लगातार ऐसा करती रही है.'

साथ ही उन्होंने कहा, 'देश की इकॉनमी, बोलने की आजादी, महंगाई, रोजगार, महंगाई, पेट्रोल-गैस की कीमतें ये बड़े मुद्दे हैं. विपक्षी एकता पर चर्चा करने की बजाय इन मुद्दों को उठाया जा चाहिए. विपक्षी एकता एक अलग मुद्दा है. ये लोगों के मुद्दे हैं, और यह जरूरी है कि इन मुद्दों को उठाया जाना चाहिए. भाजपा ने 2014 के बाद जो वादे किए थे, उसको लेकर लोगों में उम्मीद थी. लेकिन 2021 हो गया, आपने भी देखा कि क्या काम हुआ है. विपक्ष को भाजपा से लड़ने में साथ काम करने चाहिए.'


INSIDE STORY: उपचुनाव में कांग्रेस ने BJP को चौंकाया, हिमाचल में किया क्‍लीन स्‍वीप

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


बता दें, चार विधानसभा क्षेत्रों में टीएमसी को कुल 75.02 फीसदी वोट मिले, जबकि भाजपा को सिर्फ 14.48 फीसदी वोट मिले. दिनहाटा में टीएमसी के लिए जीत का अंतर 1.64 लाख वोटों के रिकॉर्ड को पार कर गया. टीएमसी उम्मीदवार सुब्रत मंडल ने भी गोसाबा विधानसभा उपचुनाव में 1,43,051 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. शांतिपुर विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी के ब्रज किशोर गोस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के निरंजन विश्वास को रिकॉर्ड 64,675 मतों से हराया. खारडाह विधानसभा क्षेत्र में राज्य के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के जॉय साहा को 93,832 मतों के अंतर से हराया.